
बिहार में राजनीतिक हलचल तेज, एमएलसी पद से सोमवार को इस्तीफा दे सकते हैं नीतीश
इस बीच, नितिन नबीन के विधायक पद से इस्तीफा देने का कार्यक्रम अचानक टल गया। वे असम के डिब्रूगढ़ के लिए रवाना हो गए
बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच उनके एमएलसी पद से इस्तीफा देने की खबरें सामने आ रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार 30 मार्च को विधान परिषद सदस्य (MLC) पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
सीएम आवास पर जेडीयू की अहम बैठक
इसी बीच पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर JDU की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में मोकामा विधायक अनंत सिंह, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, मंत्री विजय कुमार चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
अनंत सिंह का दावा—“मनाया, लेकिन नहीं माने”
बैठक के बाद बाहर आए अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उन्हें इस्तीफा नहीं देने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने।
उन्होंने कहा, “हमने नीतीश कुमार को बहुत समझाया कि इस्तीफा न दें, लेकिन वे तैयार नहीं हुए।”
बीजेपी में भी हलचल
इस बीच, नितिन नबीन के विधायक पद से इस्तीफा देने का कार्यक्रम अचानक टल गया। वे असम के डिब्रूगढ़ के लिए रवाना हो गए, जबकि उन्हें रविवार को इस्तीफा देना था।
हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत उन्हें विधायक पद छोड़ना होगा। उनके इस्तीफे के बाद बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की संभावना भी बन सकती है।
विधानसभा अध्यक्ष को दिल्ली बुलाया गया
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को भी दिल्ली बुलाया गया है। वे सुबह दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उन्होंने बताया कि पार्टी स्तर पर कार्यक्रम तय होने के बाद इस्तीफे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
कांग्रेस विधायक की जेडीयू में एंट्री की चर्चा
इसी बीच, राज्यसभा चुनाव के दौरान अनुपस्थित रहने वाले कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा ने मंत्री विजय चौधरी से मुलाकात की। उनके जेडीयू में शामिल होने की अटकलें भी तेज हो गई हैं।
राजनीतिक समीकरणों पर असर
नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और राज्यसभा में जाने की चर्चा ने बिहार की सियासत को गर्म कर दिया है। साथ ही, भाजपा और जेडीयू दोनों में हो रहे घटनाक्रम आने वाले दिनों में नए राजनीतिक समीकरणों का संकेत दे रहे हैं।
बिहार में इन तेजी से बदलते घटनाक्रमों के बीच अब सबकी नजर 30 मार्च पर टिकी है, जब मुख्यमंत्री के इस्तीफे को लेकर स्थिति साफ हो सकती है।

