वेतन को लेकर बवाल,नोएडा-ग्रेटर नोएडा में फैला श्रमिक गुस्सा
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वेतन को लेकर बवाल,नोएडा-ग्रेटर नोएडा में फैला श्रमिक गुस्सा

उत्तर प्रदेश के नोएडा-ग्रेटर नोएडा में वेतन विवाद को लेकर श्रमिकों का प्रदर्शन उग्र हो गया है। श्रमिकों की मांग है कि कंपनियां उन्हें उचित भुगतान नहीं कर रही हैं।


उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों का आक्रोश चरम पर है। बीते एक सप्ताह से जारी प्रदर्शन अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं। सोमवार को भी बड़ी संख्या में श्रमिकों ने विरोध प्रदर्शन किया, जबकि इससे पहले शनिवार को भी जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला था।

ग्रेटर नोएडा के इकोटेक क्षेत्र की फैक्ट्रियों से शुरू हुआ यह आंदोलन अब कई बड़ी कंपनियों तक फैल गया है। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने सड़क जाम करने की कोशिश की, जिसे रोकने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस हो गई। इसी दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और गोली चलने की घटना सामने आई।

इस गोलीबारी में बिहार की एक महिला श्रमिक घायल हो गई, जिसे दो गोलियां लगीं। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला के घायल होने के बाद प्रदर्शन और उग्र हो गया और श्रमिकों का आक्रोश और बढ़ गया। इस बीच जिला प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि वेतन और अन्य समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।वहीं, पुलिस भी पूरी तरह सतर्क है। सेंट्रल नोएडा की डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि महिला के घायल होने की घटना की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर कार्रवाई की जाएगी।


दरअसल, इस पूरे विवाद की जड़ वेतन वृद्धि की मांग है। होजरी कॉम्प्लेक्स स्थित कपड़ा निर्यात इकाइयों के श्रमिक हरियाणा के मानेसर की तर्ज पर वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें भी समान न्यूनतम वेतन मिलना चाहिए। उद्यमी संगठनों का कहना है कि अधिकांश मांगों को मान लिया गया है और वेतन वृद्धि के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने भी श्रमिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

हालांकि, यह विवाद अब गहराता जा रहा है और नोएडा से लेकर ग्रेटर नोएडा तक फैल चुका है। इस स्थिति ने वर्ष 2013 के उस बड़े श्रमिक आंदोलन की यादें ताजा कर दी हैं, जब हिंसक प्रदर्शन के दौरान औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी।

वर्तमान हालात को देखते हुए नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने अधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और किसी भी तरह की अव्यवस्था या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वेतन विवाद से शुरू हुआ यह आंदोलन अब बड़े औद्योगिक संकट में बदलता नजर आ रहा है, जिसे संभालना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।

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