
'बस एक बार योगी जी से मिलना है', युवराज के पिता का छलका दर्द
नोएडा सेक्टर-150 में पानी भरे गड्ढे में गिरकर युवराज मेहता की मौत हो गई। कार्रवाई के बाद पिता को सुकून है, लेकिन सिस्टम पर सवाल बरकरार हैं।
Yuvraj Mehta Death News: अब इसे बिल्डर की लापरवाही कहें, नोएडा प्रशासन की अनदेखी या पूरे सिस्टम की खामी। एक पिता को उस दर्द से गुजरना होगा जिसमें ना तो उसकी ना ही उसके बेटे की गलती थी। बात यहां युवराज मेहता और उनके पिता राजकुमार मेहता (Raj Kumar Mehta) की कर रहे हैं। नोएडा सेक्टर 150 में युवराज कार समेत पानी से भरे गड्ढे में गिरते हैं। दो घंटे तक मौत से संघर्ष करते हैं। लेकिन पुलिस, प्रशासन और अपने पिता के सामने दम तोड़ देते हैं। यूपी की सरकार, नोएडा प्रशासन हरकत में आया। नोएडा सीइओ को हटा दिया गया है। इन सबके बीच राजकुमार मेहता का कहना है कि अगर योगी जी के दर्शन हो जाते तो दिल को तसल्ली मिल जाती।
गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ महेश शर्मा (Gautambudh Nagar MP Dr Mahesh Sharma) से मुलाकात के बाद राजकुमार मेहता ने कहा कि सरकार की ओर से की गई तत्कार कार्रवाई की गई। एसआईटी के गठन और जिम्मेदार अधिकारियों का निलंबन से उन्हें कुछ हद तक सुकून मिला है। अब लग रहा है कि उनके बेटे की आत्मा को न्याय मिलेगा। राजकुमार मेहता ने इस पूरे मामले में मीडिया की भूमिका की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि मीडिया ने इस मुद्दे को सही तरीके से और सही मंच पर नहीं उठाया होता, तो यह मामला भी अन्य हादसों की तरह फाइलों में दबकर रह जाता।
पानी भरे गड्ढे पर अस्थायी- स्थायी समाधान का भरोसा
मृतक युवराज के पिता ने बताया कि जिस पानी भरे गड्ढे में कार गिरने से यह हादसा हुआ उसके अस्थायी और स्थायी समाधान को लेकर प्रशासन ने आश्वासन दिया है। वाटर लॉगिंग की समस्या के तत्काल समाधान के साथ-साथ स्थायी व्यवस्था भी किए जाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा भी प्रशासन ने दिया है।
राजकुमार मेहता ने कहा कि यह पहली बार है जब इस तरह के मामले में माइक्रो लेवल पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है। जिन सीओ और लोकेशन इंचार्ज को पहले कई बार पत्र लिखे गए थे। चाहे वह सांसद डॉ. महेश शर्मा हों या सोसाइटी की ओर से अब उन पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि अब विभाग की जिम्मेदारी है कि जांच को और गहराई से करे और हर जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई सुनिश्चित करे। हादसे के कई दिन बाद मंगलवार को एनडीआरएफ की टीम ने दिनभर चले सघन सर्च ऑपरेशन के बाद शाम के समय युवराज की कार को पानी भरे गड्ढे से बाहर निकाला। हाइड्रा मशीन की मदद से कार को बाहर निकाला गया, जो आगे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त थी। कार को डंपर में लोड कर मौके से हटाया गया। इस दृश्य ने मौके पर मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।
बिल्डर अभय कुमार गिरफ्तार
युवराज मेहता की मौत के मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बेस्टटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और बिल्डर अभय कुमार को सेक्टर-150 नोएडा से गिरफ्तार किया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया है। पुलिस ने इस मामले में घटना के करीब 24 घंटे बाद एफआईआर दर्ज की थी, जबकि 72 घंटे बाद पहली गिरफ्तारी हुई। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस ने इस मामले में एमजेड विशटाउन (MZ Wishtown) और लोटस ग्रीन (Lotus Greens) नामक दो बिल्डर कंपनियों के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। मृतक के पिता की शिकायत पर दर्ज इस केस की जांच हर पहलू से की जा रही है।
सेक्टर-150 हादसे को लेकर लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शंस प्रा. लि. ने आधिकारिक बयान जारी कर मृतक के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जिस प्लॉट पर हादसा हुआ, वह उनके स्वामित्व या नियंत्रण में नहीं है।कंपनी के अनुसार, यह प्लॉट पहले स्पोर्ट्स सिटी योजना के तहत आवंटित था और बाद में WPPL को सब-लीज किया गया था। वर्ष 2019 में WPPL की हिस्सेदारी गृहप्रवेश बिल्टेक प्रा. लि. को ट्रांसफर कर दी गई थी। लोटस ग्रीन ने कहा कि सुरक्षा, खुदाई और जोखिम प्रबंधन की जिम्मेदारी वर्तमान प्रबंधन और नोएडा प्राधिकरण की है। साथ ही, कंपनी ने जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देने की बात कही है।

