
यूपी में SIR रिपोर्ट: महिला वोटर घटे, शादी के बाद भी लाखों महिलाओं के नाम दो जगह दर्ज
voter list: महिला मतदाताओं के नाम ज्यादा कटने की सबसे बड़ी वजह शादी के बाद जगह में बदलाव होना है। अक्सर महिलाओं के वोट मायके और ससुराल दोनों जगह दर्ज रहते हैं, जबकि पुरुषों के मामले में ऐसा कम होता है।
SIR vote reduction: लोकतंत्र में वोट सबसे बड़ी ताकत होता है, लेकिन यूपी में इसी ताकत की आधी आबादी अचानक कमजोर पड़ती दिख रही है। मतदाता सूची के ताजा आंकड़े चौंकाते हैं, जिसमें लाखों महिलाओं के नाम कट गए। SIR के दौरान राज्य में महिलाओं के वोटरों की संख्या 21 लाख से ज्यादा घट गई है। अब प्रति हजार पुरुष मतदाताओं पर महिलाओं की संख्या 877 से घटकर 824 रह गई है।
शहरों में ज्यादा असर
महिला मतदाताओं की गिरावट का असर शहरों में ज्यादा देखा गया है। शहरी इलाकों में 28% महिला मतदाता कम हुई हैं। जबकि, ग्रामीण इलाकों में 15.23% की कमी दर्ज की गई है। 6 जनवरी को जारी मसौदा मतदाता सूची के अनुसार, प्रदेश में पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं से करीब 1.20 करोड़ ज्यादा है।
शादी बनी बड़ी वजह
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि महिला मतदाताओं के नाम ज्यादा कटने की सबसे बड़ी वजह शादी के बाद जगह में बदलाव होना है। अक्सर महिलाओं के वोट मायके और ससुराल दोनों जगह दर्ज रहते हैं, जबकि पुरुषों के मामले में ऐसा कम होता है। SIR से पहले 25 साल या उससे अधिक उम्र की 71.18 लाख महिलाओं के रिकॉर्ड में पति की जगह पिता का नाम दर्ज था। अब मसौदा सूची में इनकी संख्या 59% घटकर करीब 29.04 लाख रह गई है। इससे साफ है कि डबल वोटिंग के कई मामले सामने आए हैं।
पंचायत और विधानसभा वोटर लिस्ट का फर्क भी घटेगा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अभी पंचायत और विधानसभा मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में अंतर दिख रहा है, लेकिन जैसे-जैसे विधानसभा सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी होगी, यह अंतर कम हो जाएगा। फिलहाल, रोजाना करीब 50 हजार आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए आ रहे हैं, जो आने वाले दिनों में लाखों तक पहुंच सकते हैं।
3.26 करोड़ मतदाताओं को भेजा जाएगा नोटिस
6 जनवरी को जारी मसौदा सूची में 1.04 करोड़ मतदाता ऐसे पाए गए, जिनका नाम 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहा है। 2.22 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड में नाम, पिता का नाम या उम्र को लेकर गड़बड़ी पाई गई। इन सभी को मिलाकर कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजे जाएंगे। प्रदेश भर में 3793 केंद्रों पर सुनवाई होगी। इसके लिए 9154 ERO और AERO अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। नोटिस में मतदाताओं को तारीख और समय की जानकारी दी जाएगी।
आंकड़ों में समझिए पूरा मामला
कटे हुए कुल मतदाता: 2,88,74,067
महिलाएं: लगभग 1.54 करोड़
पुरुष: लगभग 1.33 करोड़
मसौदा सूची में कुल मतदाता: 12,55,56,025
महिलाएं: करीब 5.68 करोड़
पुरुष: करीब 6.88 करोड़
साहिबाबाद में सबसे ज्यादा गिरावट
महिला मतदाताओं की संख्या में सबसे बड़ी गिरावट साहिबाबाद (गाजियाबाद) विधानसभा क्षेत्र में दर्ज की गई। अक्टूबर 2025 में फ्रीज की गई सूची में प्रति हजार पुरुषों पर 779 महिलाएं थीं, जो मसौदा सूची में घटकर 646 रह गईं। यानी यहां प्रति हजार पुरुषों पर 133 महिला मतदाता कम हो गई हैं।

