
ओडिशा में अपराधी शकील खान पर शिकंजा, सरकार ने लगाया रासुका
शकील खान एक आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ कटक और आसपास के क्षेत्रों में कम से कम 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में मुख्य रूप से अवैध पशु परिवहन...
भुवनेश्वर: ओडिशा पुलिस ने कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक संदिग्ध पशु तस्कर के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की है। आरोपी की पहचान कटक जिले के तिगीरिया थाना क्षेत्र के निवासी शकील खान के रूप में हुई है, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। राज्य सरकार ने पुलिस के इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है, जिससे अब उसकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
आपराधिक इतिहास और बार-बार होने वाले अपराध
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शकील खान एक आदतन अपराधी है जिसके खिलाफ कटक और आसपास के क्षेत्रों में कम से कम 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में मुख्य रूप से अवैध पशु तस्करी (Cattle Smuggling), दंगों में संलिप्तता, डराना-धमकाना और ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों (लोक सेवकों) पर हमला करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
कटक (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक (SP) विनीत अग्रवाल ने बताया कि शकील खान की गतिविधियां लंबे समय से क्षेत्र की शांति के लिए खतरा बनी हुई थीं। बार-बार कानूनी कार्रवाई होने के बावजूद उसकी आपराधिक गतिविधियों में कोई कमी नहीं आ रही थी, जिसके चलते पुलिस को कड़े कदम उठाने पड़े।
क्यों लगाया गया रासुका (NSA)?
पुलिस प्रशासन का मानना है कि सामान्य कानूनी प्रावधान शकील को अपराध करने से रोकने में विफल साबित हो रहे थे। एसपी अग्रवाल के अनुसार, "शकील खान की संलिप्तता संगठित अपराधों और असामाजिक गतिविधियों में लगातार बनी हुई थी। सार्वजनिक व्यवस्था (Public Order) को बनाए रखने और भविष्य में संभावित खतरों को टालने के लिए हमने उसे रासुका के तहत हिरासत में लेने का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा था।"
जिला प्रशासन के माध्यम से भेजे गए इस प्रस्ताव की गंभीरता को देखते हुए, ओडिशा सरकार ने मंगलवार को इसे अपनी सहमति दे दी। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत पुलिस को यह अधिकार मिलता है कि वह किसी व्यक्ति को बिना किसी औपचारिक आरोप के भी लंबी अवधि तक हिरासत में रख सके, यदि वह व्यक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा माना जाए।
क्षेत्र में शांति बहाली की कोशिश
पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि शकील के संगठित नेटवर्क और पशु तस्करी के अवैध कारोबार ने स्थानीय लोगों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया था। पुलिस का उद्देश्य इस कार्रवाई के जरिए न केवल एक अपराधी को रोकना है, बल्कि इलाके के अन्य असामाजिक तत्वों को भी कड़ा संदेश देना है। वर्तमान में शकील खान फरवरी में हुई अपनी गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में है, लेकिन अब रासुका लागू होने के बाद उसकी जमानत और रिहाई की संभावनाएं बेहद कम हो गई हैं।

