शंकराचार्य के अपमान और UGC नियमों के विरोध में PCS अफ़सर ने दिया इस्तीफ़ा
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पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री ने विरोध में इस्तीफ़ा दिया

शंकराचार्य के अपमान और UGC नियमों के विरोध में PCS अफ़सर ने दिया इस्तीफ़ा

पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पाँच पेज के इस्तीफे में माघ मेले में शंकराचार्य अपमान और यूजीसी के नए नियमों का विरोध करते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।ब्राह्मण बटुकों के अपमान पर उन्होंने नाराज़गी और निराशा जतायी।


माघ मेले में शंकराचार्य के अपमान, बटुक ब्राह्मणों की शिखा खींचकर मारने और UGC के नए नियमों के विरोध में यूपी के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया है।अलंकार अग्निहोत्री इस समय बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद पर तैनात थे।पाँच पेज के हस्तलिखित इस्तीफे में उन्होंने इन दोनों मुद्दों पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए अन्य अधिकारियों से भी आगे आने की अपील की है।इस्तीफ़ा सामने आने के बाद यूपी के सियासी गलियारों से लेकर ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप मच गया।

शंकराचार्य का अपमान और यूजीसी नियमों के विरोध में इस्तीफ़ा-

माघ मेले में शंकराचार्य विवाद पर टकराव लगातार जारी है। इस बीच बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट और PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेजा है। अपने पाँच पेज के इस्तीफे में अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफे की मुख्य वजहें दो बताई है।प्रयागराज के माघ मेले में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का अपमान और उनके बटुक शिष्यों को छोटी खींचकर मारने और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा 2026 में अधिसूचित नए नियमों का विरोध करते हुए उन्होंने सरकार पर सीधे सवाल उठाया है।गणतंत्र दिवस के दिन इस इस्तीफे के सामने आने के बाद ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप मच गया है वहीं सियासी गलियारों में चर्चा तेज़ हो गई है।

सरकार पर उठाया सवाल, लिखा साधु संतों की अस्मिता से खिलवाड़-

PCS अलंकार अग्निहोत्री ने अपने 5 पेज के विस्तृत त्यागपत्र में लिखा है कि माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के ब्राह्मण बटुक शिष्यों की चोटी (शिखा) पकड़कर खींचा गया और वृद्ध आचार्यों को मारा गया।उन्होंने यह भी लिखा है कि इससे ब्राह्मण समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक अस्मिता पर आघात लगा है।अपनी बात करते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने लिखा है वो स्वयं ब्राह्मण वर्ण से हैं और घटना से स्पष्ट है कि ब्राह्मणों का अपमान किया गया है।2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने यूपी सरकार पर सवाल उठाते हुए लिखा कि 'यह एक चिंतनीय और गंभीर विषय है और ऐसे प्रकरण इस सरकार में होना एक साधारण ब्राह्मण की आत्मा को कंपा देता है।इस प्रकरण से यह प्रतीत होता है कि स्थानीय प्रशासन और वर्तमान राज्य सरकार एक ब्राह्मण विरोधी विचारधारा के साथ काम कर रही है एवं साधु संतों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ कर रही है।’

यूजीसी के नए नियम सामान्य छात्रों के ख़िलाफ़-

दूसरी ओर अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी रेग्युलेशंस (UGC Regulations 2026) को लेकर सवाल उठाते हुए इसे सामान्य वर्गों के छात्रों के साथ भेदभाव करने वाला बताया है।उन्होंने लिखा है कि ये प्रावधान सवर्ण छात्रों के ख़िलाफ़ विषमतापूर्ण गतिविधियों और षड्यंत्रों को जन्म देंगे।अलंकार अग्निहोत्री ने सरकार पर आरोप लगाते हुए यह कहा है कि वर्तमान सरकार अंग्रेज़ों की ‘डिवाइड एंड रूल’ नीति कर कमा करती हुई प्रतीत हो रही है।यही नहीं उन्होंने ब्राह्मण समाज के लिए वैकल्पिक राजनीतिक विकल्प की जरूरत बताई है।

अलंकार अग्निहोत्री 2019 बैच के PCS अधिकारी हैं और कानपुर के मूल निवासी हैं।उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी( B.H.U) के आईआईटी से बीटेक की डिग्री ली है।उन्होंने पहले ही प्रयास में PCS परीक्षा पास की थी।इस्तीफे की घोषणा के बाद उन्होंने अपने दफ्तर में लगे बोर्ड में अपने नाम के आगे ख़ुद ‘रिजाइन’ लिखकर प्रतीकात्मक रूप से विरोध जताया जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

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