
AI समिट में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन को पुलिस ने नेपाल के 'जेन-ज़ी' आंदोलन से जोड़ा, कोर्ट से मिली रिमांड
दिल्ली पुलिस ने युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर अदालत में कई गंभीर आरोप लगाए। पुलिस का दावा है कि उन्होंने राष्ट्रविरोधी नारे लगाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी और देशविरोधी नारे लगाए गए।
दिल्ली में एआई समिट के दौरान युवा कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन क्या नेपाल के जेन-ज़ी आंदोलन से प्रेरित था? क्या यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने देश विरोधी नारे लगाए? अपने इन आरोपों के साक्ष्य दिल्ली पुलिस को जुटाने हैं लेकिन उसने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में जो दावे किए हैं, वो चौंकाने वाले हैं। कोर्ट में अपनी दलीलों के दम पर ही दिल्ली पुलिस को यूथ कांग्रेस के 4 कार्यकर्ताओं रिमांड भी मिल गई है, जिन्होंने समिट के दौरान शर्टलेस प्रोटेस्ट यानी कमीज या टीशर्ट उतारकर प्रदर्शन किया था।
दिल्ली पुलिस ने अदालत में दावा किया कि यूथ कांग्रेस के इन प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी। प्रदर्शन के दौरान देशविरोधी नारे लगाए गए। नेपाल के 'जेन-जी' आंदोलन की तर्ज पर देश को बांटने वाले नारे लगाए। दिल्ली पुलिस ने इन प्रदर्शनकारियों के लिए पांच दिन की पुलिस रिमांड मांगी थी और कोर्ट ने उसका अनुरोध स्वीकार भी कर लिया।
यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को भारत मंडपम में बवाल मचाया था, जिसके बाद कांग्रेस की बड़ी आलोचना हो रही है। बीजेपी और सरकार के लोग तो सीधे राहुल गांधी से सवाल पूछ रहे हैं। शर्टलेस विरोध प्रदर्शन करने वालों को बाद में पुलिस ने हिरासत लिया और अदालत के सामने पेश किया। शनिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई। जस्टिस रवि ने बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
बाद में अदालत ने अपने फैसले में यूथ कांग्रेस के चारों गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों में बिहार से युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरि, बिहार से युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव कुंदन यादव; उत्तर प्रदेश से युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार; और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस ने इन कार्यकर्ताओं पर अदालत में कई गंभीर आरोप लगाए। पुलिस का दावा है कि उन्होंने राष्ट्रविरोधी नारे लगाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी। प्रदर्शन के दौरान देशविरोधी नारे लगाए गए। और सबसे खास बात ये कि पुलिस ने आरोप लगाया कि यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एआई समिट के दौरान बवाल मचाते हुए नेपाल के 'जेन-जी' की तर्ज पर देश को बांटने वाले नारे लगाए। अदालत ने पुलिस से पांच दिन का रिमांड मांगने की वजह पूछी तो पुलिस ने इस मामले में और जांच की जरूरत बताई।
दिल्ली पुलिस के वकील ने कोर्ट में कहा कि प्रदर्शन करने वालों ने ऐसी जगह चुनी, जहां दूसरे देशों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद थे। पुलिस ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने धक्कामुक्की की और इस दौरान कुछ पुलिसवालों को चोट लगी।
आरोपियों के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि वे एक राजनीतिक दल से जुड़े हैं और उन्होंने भारत मंडपम में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया। वकील ने आगे कहा कि ऐसी कोई फुटेज नहीं है जो यह साबित करती हो कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर हमला किया था। न ही इस बात का कोई सबूत है कि कोई राष्ट्रविरोधी बात कही गई थी।
फिलहाल कोर्ट ने आरोपियों को 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है। कस्टडी में उन कार्यकर्ताओं से पुलिस और क्या उगलवाती है, इस पर नजर रहेगी।

