
बटुकों का सम्मान, हमारा सौभाग्य, किसे संदेश दे रहे है यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
माघ मेले में बटुकों के साथ पुलिसिया कार्रवाई को महापाप बताने वाले यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों का सम्मान किया है।
यूपी की सियासत में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का मुद्दा शांत होने का नाम नहीं ले रहा। अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दे पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने तंज कसते हुए कहा था कि अब हर कोई शंकराचार्य तो नहीं हो सकता। लेकिन उनके दो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक का रुख अलग है। केशव प्रसाद मौर्य ने अविमुक्तेश्वरानंद की तारीफ करते हुए विवाद खत्म करने की अपील की थी। वहीं दूसरे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि बटुकों की चोटी खींचना,मारना सही नहीं था, ऐसा करना महापाप था। इस बयान के बाद ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों को अपने घर बुलाया, तिलक लगाया, फूल बरसाए और हाथ जोड़कर प्रणाम किया।
पूजा के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक्स पर लिखा कि बटुकों का सम्मान, हमारा सौभाग्य। बता दें कि माघ मेले के दौरान प्रयागराज में पुलिस ने अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों यानी बटुकों के पुलिस ने चोटी पकड़ कर खींचने के साथ पीटा था। दो दिन पहले पाठक ने एक कार्यक्रम में कहा था कि चोटी नहीं खींचनी चाहिए थी जो भी दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। चोटी खींचना महाअपराध है, देखिएगा महापाप लगेगा। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर अविमुक्तेश्वरानंद का नाम नहीं लिया था।
अब पाठक ऐसा क्यों कर रहे हैं। इस विषय पर सियासी जानकार कहते हैं कि जिस तरह से शंकराचार्य और यूजीसी का मुद्दा सामने आया। उसके बाद से ब्रजेश पाठक सवर्ण समाज खासतौर से ब्राह्नण तबका नाराज था। ब्राह्मण समाज का मानना है कि जिस तरह से ब्रजेश पाठक को खुलकर बोलना चाहिए था वो अपनी भूमिका निभा पाने में नाकाम रहे। ऐसा कहा जा रहा है कि ब्राह्मण समाज की नाराजगी दूर करने के लिए उन्होंने बटुकों का मुद्दा उठाया और माघ मेले में जो कुछ हुआ था उसे महापाप बताया।

