
कस्टम अधिकारी का बेटा है वो तुम क्या हो, अरुणाचल की तीन महिलाओं से बदसलूकी
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में अरुणाचल की तीन महिलाओं से नस्लीय टिप्पणी और अपमान का आरोप लगा है। पड़ोसियों पर FIR दर्ज होने के साथ जांच जारी है।
अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के साथ दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में कथित तौर पर नस्लीय टिप्पणी और अपमानजनक व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि उनके पड़ोसियों ने उन्हें धंधेवाली कहकर संबोधित किया और यह आरोप लगाया कि वे अपने किराए के फ्लैट में “मसाज पार्लर” चला रही हैं। बताया जा रहा है कि यह विवाद उनके चौथी मंजिल स्थित फ्लैट में चल रहे मरम्मत कार्य के दौरान धूल और मलबा नीचे गिरने को लेकर शुरू हुआ था।
तीनों महिलाओं ने आरोपियों से औपचारिक माफी की मांग की है। उनका कहना है कि की गई टिप्पणियों से न केवल उन्हें ठेस पहुंची है, बल्कि पूर्वोत्तर समुदाय की गरिमा को भी आघात पहुंचा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें कथित तौर पर एक पुरुष और एक महिला पड़ोसी तीनों महिलाओं के साथ बहस करते और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। आरोपियों की पहचान हर्ष सिंह और उनकी पत्नी रूबी जैन के रूप में हुई है। प्राथमिकी में महिला की मर्यादा भंग करने, आपराधिक धमकी और धर्म, नस्ल, जन्मस्थान, निवास या भाषा के आधार पर वैमनस्य फैलाने से संबंधित धाराएं शामिल की गई हैं। हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 20 फरवरी को दोपहर करीब 3:30 बजे फ्लैट में बिजली मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान नीचे गिरती धूल को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो जल्द ही तीखी बहस में बदल गई। आरोप है कि रूबी जैन ने महिलाओं को “मोमो” कहकर पुकारा और उन पर 500 रुपये में मसाज पार्लर में काम करने जैसे आपत्तिजनक आरोप लगाए। वीडियो में एक पुलिसकर्मी भी नजर आ रहा है, जो दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश करता दिखता है।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें उनकी पहचान और चरित्र को लेकर झूठे आरोपों का सामना करना पड़ा। एक महिला ने कहा कि उन पर शराब पीने जैसे झूठे आरोप लगाए गए और चुनौती दी कि उनके कमरे की तलाशी ली जाए। आरोप है कि बहस के दौरान रूबी जैन ने और भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। वहीं, सीढ़ियां उतरते समय आरोपियों द्वारा कथित तौर पर गटर-छाप जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया और पूर्वोत्तर समुदाय के बारे में अपमानजनक बातें कही गईं। हालांकि वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
पुलिस का कहना है कि किसी प्रकार की शारीरिक चोट की सूचना नहीं मिली है, लेकिन शिकायतकर्ताओं ने मानसिक उत्पीड़न और अपमान का आरोप लगाया है। मामले की आगे जांच जारी है।तीनों महिलाओं की ओर से पेश अधिवक्ता रीना राय ने कहा कि यह घटना राष्ट्रीय राजधानी में पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ जारी नस्लीय पूर्वाग्रह को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जो लोग घर से दूर रहकर काम करने आए हैं, उन्हें सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए, न कि अपमान।
दूसरी ओर, आरोपियों की ओर से पेश अधिवक्ता गौरव ने कहा कि घटना के बाद दोनों पक्षों ने बैठकर समझौते की कोशिश की थी और सोशल मीडिया पर मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनके मुवक्किल ने ही सबसे पहले पुलिस को कॉल किया था और उन्होंने आवेश में कुछ शब्द कह दिए, जिनका उन्हें खेद है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। (पीटीआई से प्राप्त जानकारी के साथ)

