“तुम कौन हो?”, राघव चड्ढा से  क्यों भिड़ गए थे आप के पूर्व सांसद धर्मवीर गांधी
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“तुम कौन हो?”, राघव चड्ढा से क्यों भिड़ गए थे आप के पूर्व सांसद धर्मवीर गांधी

राघव चड्ढा के ट्वीट के बाद आप आदमी पार्टी के नेता उन्हें खरीखोटी सुना रहे हैं। इस मामले में आप के पूर्व और पटियाला से कांग्रेस के मौजूदा सांसद डॉक्टर धर्मवीर गांधी ने भी निशाना साधा है।


आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा इन दिनों सुर्खियों में हैं। राज्यसभा में आप के डिप्टी नेता पद से हटाए जाने के बाद उनके सुर तल्ख हो चले हैं। इन सबके बीच पटियाला से कांग्रेस सांसद डॉक्टर धर्मवीर भारती की भी एंट्री हो चुकी है। बता दें कि धर्मवीर भारती 2014 में आप के लोकसभा सांसद थे। हालांकि एक साल बाद आम आदमी पार्टी से दूरी बना ली। धर्मवीर भारती ने कहा कि साल 2014 में राघव चड्ढा ने एक चिट्ठी देकर कहा कि आपको यही सब बोलना है। लेकिन उन्होंने चिट्ठी फाड़ दी। यहां बताएंगे कि राघव चड्ढा के बारे में धर्मवीर गांधी ने क्या क्या कहा।

एक यूट्यूब पाडकास्ट में धर्मवीर गांधी कहते हैं, '' जब वो पटियाला से 2014 में सांसद थे उस वक्त राघव चड्ढा ने उन्हें चिट्ठी लिखकर लोकसभा में बोलने के लिए कहा था। हालांकि उन्होंने उस चिट्ठी को फाड़कर उनके मुंह पर मारी और गेटआउट बोलकर पंजाब भवन से बाहर कर दिया।''

धर्मवीर गांधी कहते हैं, '' 2014 में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर उनका पहला भाषण था। वो उस समय पंजाब भवन में रुके थे। राघव चड्ढा उनके पास और चिट्ठी देकर कहा कि आपको लोकसभा में जो खत में लिखा गया है वो बोलना है। इस बात पर उन्होंने राघव चड्ढा से कहा कि जो बोलना है उन्हें पता है। लेकिन हू आर यू... आप बताएंगे कि मुझे क्या बोलना है। मुझे सबकुछ पता है।'' धर्मवीर कहते हैं, ''1975 में वो जेल गए। 1970 से राजनीति कर रहे हैं। 45 साल का मुझे अनुभव है और अब आप बताएंगे कि मुझे क्या बोलना है।''

धर्मवीर भारती के मुताबिक राघव चड्ढा ने कहा कि आप आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष हैं, राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। तब उन्होंने कहा कि बताओ क्या बोलना है। उन्होंने चिट्ठी देखी और कहा चार में से एक बात पर बोलूंगा। उस चिट्ठी में चारों मुद्दे दिल्ली के थे। दिल्ली की बिजली और पानी का मुद्दा था। उन्होंने कहा कि पहले बात सुनो, मैं सबसे पहले गाजा पट्टी, फिर बदायूं रेप केस, पंजाब में कर्जा, नशा और खेती संकट पर अपनी बात रखेंगे और फिर खत में लिखे एक बात पर बोलूंगा।

धर्मवीर गांधी कहते हैं, ''मैंने जब अपनी बात कह ली तो राघव चड्ढा ने कहा कि नहीं नहीं, आपको चिट्ठी वाली बात ही बोलनी है। इस सवाल पर उन्होंने राघव चड्ढा से कहा कि आखिर तुम कौन है। इस बात पर राघव ने कहा कि आप पार्टी के नेता हो, आप को भारत के संदर्भ में ही बोलना होगा। राघव के यह कहने पर उन्होंने कहा कि खत में जो सवाल लिखे गए हैं उनका नाता तो सिर्फ दिल्ली से है पूरा भारत कहां है। इस तरह जब बात आगे बढ़ी तो उन्होंने चिट्ठी को फाड़ दी और कहा कि मुझसे बात मत करना।''

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