राहुल का कोच्चि कार्यक्रम, आगामी केरल चुनाव को लेकर UDF का राजनीतिक संकेत
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राहुल का कोच्चि कार्यक्रम, आगामी केरल चुनाव को लेकर UDF का राजनीतिक संकेत

राहुल गांधी ने लोकल बॉडी चुनावों में UDF के प्रदर्शन को जनता के बढ़ते विश्वास का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि यह जीत पंचायत, नगरपालिका और ब्लॉक स्तर के प्रतिनिधियों के प्रयासों का नतीजा है।


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केरल में दिसंबर में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में विजेता कांग्रेस नेताओं का सम्मान करने के लिए आयोजित ‘महापंचायत’ कार्यक्रम ने पार्टी की असल तैयारी को उजागर कर दिया। इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने पार्टी नेतृत्व यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की आगामी 2026 विधानसभा चुनाव की संभावनाओं पर भरोसा जताया और भविष्य की राह को लेकर आशावादी संदेश दिया।

जनता का विश्वास

कोच्चि के मरीन ड्राइव में 19 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम में हजारों स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों और चुनाव में हारने वाले उम्मीदवारों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने लोकल बॉडी चुनावों में UDF के प्रदर्शन को जनता के बढ़ते विश्वास का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि यह जीत पंचायत, नगरपालिका और ब्लॉक स्तर के प्रतिनिधियों के अथक प्रयासों का परिणाम है, जो भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ हैं।

भाजपा-आरएसएस पर निशाना

राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस के केंद्रीकरण की नीतियों पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि जहां भाजपा और आरएसएस सत्ता का केंद्रीकरण चाहते हैं, वहीं कांग्रेस सत्ता का विकेंद्रीकरण और मजबूत स्थानीय संस्थाओं के पक्ष में है। उन्होंने लोकतंत्र को आम जनता के करीब बनाए रखने में विकेंद्रीकरण की भूमिका पर जोर दिया और इसे सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक और नैतिक विकल्प बताया।

लिफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट पर सीधा हमला टाला

अपने भाषण में राहुल ने केरल की सत्ता में मौजूद एलडीएफ और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी पर सीधे हमले से परहेज किया। उन्होंने राज्य में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता के बीच सह-अस्तित्व और आपसी सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि लोकल बॉडी चुनाव परिणाम ने यह साबित किया कि लोग सहभागी लोकतंत्र और जिम्मेदार शासन में विश्वास रखते हैं।

संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन

कार्यक्रम में राज्यभर के पंचायत अध्यक्ष, नगरपालिका चेयरपर्सन और वार्ड सदस्य भारी संख्या में मौजूद रहे, जिससे कांग्रेस और UDF की संगठनात्मक ताकत का प्रभाव दिखाई दिया। वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि यह कार्यक्रम ग्रासरूट कार्यकर्ताओं को सम्मान देने और पार्टी के लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण के संकल्प को प्रदर्शित करने का मौका था।

भविष्य की तैयारी और राहुल का भरोसा

राहुल गांधी ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों का परिणाम जनता के मूड में बदलाव और UDF की विश्वसनीय वैकल्पिक शक्ति में बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को अपनी सामूहिक ताकत और अनुशासन को कम आंकने से बचने की हिदायत दी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि समाज को सांप्रदायिक और संकीर्ण नजरिए से विभाजित करने के प्रयास लोकतंत्र को कमजोर करते हैं। साथ ही, उन्होंने रोजगार की कमी के कारण हजारों युवाओं के विदेश जाने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई और विश्वास जताया कि UDF विधानसभा चुनाव में जोरदार जीत दर्ज करेगा।

स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों की भूमिका

राज्य के विपक्षी नेता वीडी सतीशेन ने भी कहा कि स्थानीय निकाय प्रतिनिधि UDF की भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने में कुंजी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास, पारदर्शिता और सामाजिक न्याय फ्रंट की राजनीतिक नीति का केंद्र बने रहेंगे। राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान कई प्रतिनिधियों से बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनी और उन्हें आम जनता की ज़िंदगियों से जुड़े मुद्दों में सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

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