प्रदूषण पिछली सरकारों की लापरवाही का नतीजा, हम करेंगे ठोस समाधान: रेखा गुप्ता
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प्रदूषण पिछली सरकारों की लापरवाही का नतीजा, हम करेंगे ठोस समाधान: रेखा गुप्ता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदूषण को 'विरासत की समस्या' बताया। उन्होंने पिछली AAP सरकार पर निशाना साधते हुए 360-डिग्री एक्शन प्लान और लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी की घोषणा की है।


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Delhi CM On Air Pollution : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में बढ़ते वायु और यमुना प्रदूषण के लिए पिछली सरकारों, विशेषकर आम आदमी पार्टी (AAP) की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। एएनआई (ANI) को दिए एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने प्रदूषण को एक "विरासत की समस्या" (Legacy Problem) करार दिया, जो दशकों की अनदेखी और केवल प्रचार-प्रसार वाली राजनीति का परिणाम है। रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार प्रदूषण को केवल तात्कालिक राहत के चश्मे से नहीं देख रही है, बल्कि इसके लिए एक व्यापक और दीर्घकालिक रणनीति (Long-term Strategy) तैयार की गई है। मुख्यमंत्री का मानना है कि केवल 'एंटी-स्मॉग गन' या 'ओड-इवन' जैसे कदमों से स्थायी समाधान संभव नहीं है। उनके अनुसार, दिल्ली को स्वच्छ बनाने के लिए धूल, हवा और पानी तीनों मोर्चों पर एक साथ समग्र सोच के साथ काम करना होगा, तभी दिल्लीवासियों को जहरीली हवा से स्थायी मुक्ति मिल पाएगी।



दिखावे के उपायों से नहीं, संरचनात्मक सुधारों से बदलेगी दिल्ली
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिछली सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पहले केवल 'शॉर्ट-टर्म' नीतियों और विज्ञापन पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा, "स्प्रिंकलर और एंटी-स्मॉग गन केवल कुछ समय के लिए धूल दबा सकते हैं, लेकिन प्रदूषण की असली वजहों जैसे धूल प्रबंधन, सार्वजनिक परिवहन और कूड़े के निस्तारण पर कभी ठोस काम नहीं हुआ।" रेखा गुप्ता ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार अब उन बुनियादी ढांचों पर काम कर रही है जिन्हें सालों तक नजरअंदाज किया गया। उन्होंने दिल्ली की हवा को साफ करने के लिए '360-डिग्री मूवमेंट' की जरूरत बताई, जिसमें सड़क की धूल से लेकर वाहनों के धुएं तक पर सख्त कार्रवाई शामिल है।


सार्वजनिक परिवहन का कायाकल्प: 2028 तक 11,000 बसों का लक्ष्य
प्रदूषण का एक बड़ा कारण वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई, तो दिल्ली में बसों की संख्या बहुत कम थी। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन को 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक और क्लीन फ्यूल पर ले जाना है।" सरकार ने सत्ता में आने के बाद 1,700 नई बसें जोड़ी हैं, जिससे संख्या 3,600 से ऊपर पहुंच गई है। दिसंबर 2026 तक इसे 7,700 और 2028 तक 11,000 बसों तक पहुंचाने का रोडमैप तैयार है। इसके अलावा, मेट्रो विस्तार और मेट्रो स्टेशनों के पास 'लास्ट माइल कनेक्टिविटी' के लिए ई-ऑटो और ई-साइकिल को बढ़ावा दिया जा रहा है।

कूड़े के पहाड़ और यमुना की सफाई पर युद्ध स्तर पर काम

मुख्यमंत्री ने लैंडफिल साइट्स (कूड़े के पहाड़) को वायु प्रदूषण का मुख्य स्रोत बताते हुए कहा कि ओखला और भलस्वा के कूड़े के पहाड़ों को 2026 तक पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में रोजाना 11,000 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, जिसका पहले कभी सही तरीके से निस्तारण नहीं किया गया। यमुना के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सीवेज और औद्योगिक कचरे ने नदी को वर्षों तक प्रदूषित किया। अब उनकी सरकार ने 37 पुराने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों (STP) को अपग्रेड किया है और फिनलैंड की आधुनिक मशीनों से प्रमुख नालों की सफाई शुरू की है। साथ ही, गोबर से बायोगास बनाने के प्लांट लगाकर यमुना में गिरने वाली गंदगी को रोकने की पहल की गई है।


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