
प्रदूषण पिछली सरकारों की लापरवाही का नतीजा, हम करेंगे ठोस समाधान: रेखा गुप्ता
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदूषण को 'विरासत की समस्या' बताया। उन्होंने पिछली AAP सरकार पर निशाना साधते हुए 360-डिग्री एक्शन प्लान और लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी की घोषणा की है।
Delhi CM On Air Pollution : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में बढ़ते वायु और यमुना प्रदूषण के लिए पिछली सरकारों, विशेषकर आम आदमी पार्टी (AAP) की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। एएनआई (ANI) को दिए एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने प्रदूषण को एक "विरासत की समस्या" (Legacy Problem) करार दिया, जो दशकों की अनदेखी और केवल प्रचार-प्रसार वाली राजनीति का परिणाम है। रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार प्रदूषण को केवल तात्कालिक राहत के चश्मे से नहीं देख रही है, बल्कि इसके लिए एक व्यापक और दीर्घकालिक रणनीति (Long-term Strategy) तैयार की गई है। मुख्यमंत्री का मानना है कि केवल 'एंटी-स्मॉग गन' या 'ओड-इवन' जैसे कदमों से स्थायी समाधान संभव नहीं है। उनके अनुसार, दिल्ली को स्वच्छ बनाने के लिए धूल, हवा और पानी तीनों मोर्चों पर एक साथ समग्र सोच के साथ काम करना होगा, तभी दिल्लीवासियों को जहरीली हवा से स्थायी मुक्ति मिल पाएगी।
"Pollution is a legacy problem resulting from negligence of previous govts": Rekha Gupta
— ANI Digital (@ani_digital) February 5, 2026
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मुख्यमंत्री ने लैंडफिल साइट्स (कूड़े के पहाड़) को वायु प्रदूषण का मुख्य स्रोत बताते हुए कहा कि ओखला और भलस्वा के कूड़े के पहाड़ों को 2026 तक पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में रोजाना 11,000 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, जिसका पहले कभी सही तरीके से निस्तारण नहीं किया गया। यमुना के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सीवेज और औद्योगिक कचरे ने नदी को वर्षों तक प्रदूषित किया। अब उनकी सरकार ने 37 पुराने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों (STP) को अपग्रेड किया है और फिनलैंड की आधुनिक मशीनों से प्रमुख नालों की सफाई शुरू की है। साथ ही, गोबर से बायोगास बनाने के प्लांट लगाकर यमुना में गिरने वाली गंदगी को रोकने की पहल की गई है।

