
पहले इस्तेमाल करो फिर बर्बाद, अनुज चौधरी के बहाने अखिलेश यादव ने किसे दिया संदेश
संभल हिंसा केस में कोर्ट के आदेश के बाद अखिलेश यादव ने अनुज चौधरी के बहाने पुलिस-प्रशासन को संदेश दिया कि बीजेपी संकट में साथ नहीं देती।
संभल के पूर्व CO अनुज चौधरी के बहाने अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए उसके दो कथित फॉर्मूले गिनाए। पहला फॉर्मूला पहले इस्तेमाल करो, फिर बर्बाद करो। अखिलेश का आरोप है कि बीजेपी अपने नेताओं, अफसरों और सहयोगियों का राजनीतिक फायदा उठाती है और जब मामला फंसता है तो उन्हें अकेला छोड़ देती है।
दूसरा फॉर्मूला बताते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी में किसी के साथ स्थायी भरोसे का रिश्ता नहीं होता। सभी को सिर्फ सत्ता और राजनीति के लिए इस्तेमाल किया जाता है। अखिलेश के मुताबिक यही वजह है कि अनुज चौधरी जैसे अधिकारी भी राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल हुए और अब अकेले पड़ गए हैं।
क्या है मामला?
उत्तर प्रदेश के संभल हिंसा मामले में अदालत ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने तत्कालीन सर्कल ऑफिसर (CO) अनुज चौधरी, तत्कालीन कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है। इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस आदेश को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अनुज चौधरी के मामले को आधार बनाकर प्रशासन, पुलिस और सत्ता के रिश्तों पर बड़ा सियासी संदेश देने की कोशिश की है।‘अब अनुज चौधरी को बचाने कोई नहीं आएगा’
अखिलेश यादव ने कहा कि अब अनुज चौधरी को बचाने कोई आगे नहीं आएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे पुलिस अधिकारी, जो सत्ता के इशारे पर पक्षपातपूर्ण फैसले लेते हैं, अंत में अकेले रह जाते हैं।ऐसे अधिकारी अकेले बैठकर अपने फैसलों और कामों को याद करेंगे। बीजेपी सिर्फ इस्तेमाल करती है और फिर छोड़ देती है। यही उसका फॉर्मूला है।”
अखिलेश ने बताया बीजेपी का दोहरा फॉर्मूला
संभल हिंसा में अनुज चौधरी की भूमिका पर सवाल
संभल हिंसा के दौरान अनुज चौधरी सर्कल ऑफिसर के पद पर तैनात थे और वर्तमान में वे फिरोजाबाद में एएसपी के रूप में कार्यरत हैं। सपा और स्थानीय लोगों ने उनकी भूमिका पर लगातार सवाल उठाए हैं। मुस्लिम समुदाय की ओर से उन पर पक्षपात के आरोप लगे थे। आरोप है कि उनकी मौजूदगी में गोली चली, जिसमें एक युवक घायल हुआ।
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में प्रशासन और पुलिस का राजनीतिकरण करके सत्ता को मजबूत किया है। अनुज चौधरी का मामला सिर्फ एक प्रशासनिक विवाद नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीति में एक अहम मोड़ है। उन्होंने कहा कि जब तक अधिकारी सत्ता के संरक्षण में रहते हैं, तब तक उनका इस्तेमाल होता है, लेकिन जैसे ही कानूनी संकट आता है, बीजेपी पीछे हट जाती है।
अफसरों को सियासी संदेश
अखिलेश यादव ने इस पूरे घटनाक्रम के जरिए प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों को भी संदेश देने की कोशिश की है। उनका कहना है कि जब अधिकारी राजनीतिक दबाव में फैसले लेते हैं और बाद में कानूनी पचड़े में फंसते हैं, तो बीजेपी उन्हें बचाने नहीं आती। उन्होंने चेतावनी दी कि अफसरों को राजनीतिक इस्तेमाल से बचना चाहिए।
सपा के कोर वोटबैंक पर नजर
संभल हिंसा के बाद से मुस्लिम समुदाय अनुज चौधरी के रवैये से नाराज़ बताया जा रहा था। पक्षपात के आरोप पहले से ही लगाए जा रहे थे। अब जब अदालत ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है, तो अखिलेश यादव ने इसे सियासी मौके में बदल दिया है।

