
धार भोजशाला–कमल मौला मस्जिद में तय समय पर पूजा-नमाज, ऐतिहासिक विवाद सुलझा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद धार की भोजशाला में बसंत पंचमी पूजा शुरू हुई। पूजा-नमाज का समय तय है और परिसर में कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।
Bhojshala dispute: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित 11वीं सदी के विवादित भोजशाला–कमल मौला मस्जिद परिसर में शुक्रवार को बसंत पंचमी की पूजा भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई। यह पूजा सुप्रीम कोर्ट के उस अहम फैसले के बाद आयोजित की जा रही है, जिसमें पूजा और नमाज के लिए समय सीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। मौके पर करीब 8,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें महिला पुलिस इकाइयाँ भी शामिल हैं। भोजशाला परिसर की ओर जाने वाली सभी प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई है और हर आने-जाने वाले वाहन की सघन जांच की जा रही है।
इसके साथ ही, किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। प्रशासनिक एजेंसियाँ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
वहीं, परिसर के भीतर बसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती पूजा की तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। पूजा स्थल को भगवा झंडों और रंगोली से सजाया गया है, जिससे धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश दिया कि हिंदू समुदाय को सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा करने की अनुमति होगी, जबकि मुस्लिम समुदाय दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे के बीच नमाज अदा कर सकेगा। कोर्ट के इस फैसले को दोनों समुदायों ने स्वीकार किया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रशासन ने किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) समेत करीब 8,000 जवान तैनात किए गए हैं। पूरे क्षेत्र की निगरानी 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों और 10 ड्रोन के माध्यम से की जा रही है।
शांति बनाए रखने के उद्देश्य से नमाज अदा करने वाले लोगों की सूची पहले ही प्रशासन को सौंप दी गई है। धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कि दोनों समुदायों के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं और इस व्यवस्था पर सभी पक्षों की सहमति है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रियाएं
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। भोजशाला मुक्ति यज्ञ समिति ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि वे सूर्योदय से सूर्यास्त तक लगातार पूजा करेंगे। वहीं, कमल मौला नमाज इंतजामिया कमेटी के जल्फिकार पठान ने भी शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कोर्ट के फैसले को सर्वसम्मति से स्वीकार करने की बात कही।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी इस फैसले को संतुलित बताते हुए सुप्रीम कोर्ट की सराहना की है। गौरतलब है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की 2003 की व्यवस्था के तहत अब तक मंगलवार को हिंदू पूजा और शुक्रवार को मुस्लिम नमाज अदा की जाती रही है।

