
केशव मौर्य को लेकर बोले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, ऐसे ही नेता को CM बनाना चाहिए
Magh Mela controversy: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उपमुख्यमंत्री के बयान की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी को ऐसे ही समझदार व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए था।
Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand: संगम की रेती पर आस्था का महासंगम चल रहा है, लेकिन माघ मेले में इस बार श्रद्धा के साथ सियासत की बयार भी चल रही है। मौनी अमावस्या के पावन स्नान को लेकर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और मेला प्रशासन के बीच शुरू हुआ विवाद अब सिर्फ धार्मिक मामला नहीं रह गया है। उपमुख्यमंत्री के बयान, प्रशासन की चुप्पी और शंकराचार्य के धरने ने इस मुद्दे को प्रदेश की राजनीति और धार्मिक गरिमा से जोड़ दिया है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अब इस मामले का समाधान हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री का बयान यह संकेत देता है कि प्रशासन से कहीं न कहीं गलती हुई है और यह एक समझदारी भरा बयान है।
बीजेपी को ऐसा ही मुख्यमंत्री बनाना चाहिए
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उपमुख्यमंत्री के बयान की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी को ऐसे ही समझदार व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए था, जिससे प्रदेश को भी फायदा पहुंचता। माघ मेले के चौथे स्नान पर्व वसंत पंचमी पर शंकराचार्य ने संगम स्नान नहीं किया। उन्होंने बताया कि मौनी अमावस्या के दिन वह अपने शिविर से संगम स्नान के लिए निकले थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें गंगा स्नान से रोक दिया। उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन उन्हें ससम्मान स्नान नहीं कराता, तब तक उनके लिए मौनी अमावस्या का मुहूर्त जारी रहेगा।
प्रशासन से अब तक कोई संपर्क नहीं
शंकराचार्य ने कहा कि इस विवाद की शुरुआत मेला प्रशासन की ओर से हुई थी, लेकिन अब तक प्रशासन ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक उन्हें सम्मानपूर्वक स्नान नहीं कराया जाता और भविष्य के लिए स्पष्ट व्यवस्था की घोषणा नहीं होती, तब तक उनका रुख नहीं बदलेगा।
तबीयत बिगड़ने पर दी सफाई
अपने स्वास्थ्य को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि पूरब की ठंडी हवा में लंबे समय तक बैठने की वजह से उन्हें थकान महसूस हुई थी। हालांकि, अब उन्होंने खुद को ढककर सुरक्षित कर लिया है और उनकी तबीयत ठीक है।
पुरी शंकराचार्य के स्नान पर बयान
पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के वसंत पंचमी पर बिना पालकी के स्नान करने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह उनकी इच्छा का विषय है। शंकराचार्य की इच्छा पर कोई रोक नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने कहा कि न तो किसी शंकराचार्य को पैदल जाने से रोका जा सकता है और न ही उन्हें पालकी में बैठने के लिए मजबूर किया जा सकता है।
गोप्रतिष्ठा यात्रा स्थगित
सोमवार को गोप्रतिष्ठा यात्रा न निकाले जाने पर शंकराचार्य ने बताया कि वसंत पंचमी के दिन अधिक भीड़ को देखते हुए यात्रा स्थगित की गई थी। हालांकि मंगलवार से यह यात्रा फिर से नियमित रूप से जारी रहेगी। बता दें कि डिप्टी सीएम मौर्य ने कहा था कि हम पूज्य शंकराचार्य जी के चरणों में नतमस्तक होते हैं। हम उनसे विधिवत स्नान करने का अनुरोध करते हैं. हम पूज्य संतों का अपमान करने वालों की जांच करेंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे. तब तक शंकराचार्य जी अपना विरोध खत्म कर इस मामले को यहीं समाप्त करें।

