गुरुग्राम में बच्ची से दरिंदगी के केस में SC सख्त, महिला IPS अफसरों की SIT गठित,पुलिस और CWC को नोटिस
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सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस के रवैये को शर्मनाक बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई।

गुरुग्राम में बच्ची से दरिंदगी के केस में SC सख्त, महिला IPS अफसरों की SIT गठित,पुलिस और CWC को नोटिस

यह मामला गुरुग्राम में चार साल की बच्ची से दुष्कर्म का है। पीड़िता के माता-पिता ने हरियाणा पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए SIT या CBI जांच की मांग की थी।


गुरुग्राम में चार वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए जांच गुरुग्राम पुलिस से लेकर तीन महिला आईपीएस अधिकारियों की विशेष जांच टीम (SIT) को सौंप दी है। अदालत ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया और लापरवाही पर पुलिस और बाल कल्याण समिति (CWC) को नोटिस जारी किया।

मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ (जस्टिस जोयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पांचोली सहित) ने गुरुग्राम पुलिस को निर्देश दिया कि वह मामले से जुड़े सभी दस्तावेज गुरुवार तक SIT को सौंप दे। अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी।

पुलिस की भूमिका पर सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस के रवैये को शर्मनाक बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने पाया कि गंभीर अपराध को कमतर धाराओं में दर्ज किया गया। POCSO Act की धारा 6 के बजाय धारा 10 लगाने पर सवाल उठाए गए।

CJI ने कहा कि पुलिस ने संवेदनहीनता दिखाई और FIR दर्ज करने जैसे बुनियादी कर्तव्यों में भी लापरवाही की।

CWC और डॉक्टर पर भी कार्रवाई

अदालत ने Child Welfare Committee (CWC) के सदस्यों से जवाब मांगा कि उन्हें पद से क्यों न हटाया जाए। साथ ही Max Hospital की एक महिला डॉक्टर से भी पूछा गया कि उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट में बदलाव क्यों किया।

कोर्ट ने पीड़िता, उसके परिवार और स्कूल की पहचान सुरक्षित रखने के लिए रिकॉर्ड से नाम हटाने के निर्देश दिए।

क्या है मामला

यह मामला गुरुग्राम में चार साल की बच्ची से दुष्कर्म का है। पीड़िता के माता-पिता ने हरियाणा पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए SIT या CBI जांच की मांग की थी।

23 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए हरियाणा सरकार और पुलिस को नोटिस जारी किया था। इसके बाद पुलिस ने दो महिला घरेलू सहायिकाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया, लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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