तेजस्वी के लिए परिवार और पार्टी जरूरी, इसलिए संजय यादव से दूरी?
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2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी की हार के लिए तेजस्वी यादव और उनके बेहद करीबी संजय यादव को जिम्मेदार ठहराया गया

तेजस्वी के लिए परिवार और पार्टी जरूरी, इसलिए संजय यादव से दूरी?

तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को हुई पार्टी की बैठक में संकेतों में बता दिया कि अब संजय यादव से दूरी और पार्टी और परिवार से करीबी की राह पर चल पड़े हैं।


जिन संजय यादव की वजह से लालू प्रसाद यादव के परिवार और पार्टी में झगड़ा बढ़ा, तेजस्वी यादव अब अपने करीबी उन्हें संजय यादव को सार्वजनिक मंचों से दूर-दूर रखने की रणनीति पर चल रहे हैं। इसकी एक झलक शुक्रवार को आरजेडी के सांसदों की बैठक में दिखाई दी। तेजस्वी ने ये संदेश भी देने की कोशिश की है कि उनके लिए पार्टी और परिवार प्राथमिकता में है।

संकेतों में संदेश

असल में संसद के आगामी बजट सत्र को देखते हुए शुक्रवार को आरजेडी की अहम बैठक हुई। ये बैठक तेजस्वी के सरकारी आवास पर हुई। जिसमें पार्टी के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को बुलाया गया था। इसमें सबसे दिलचस्प तस्वीर ये थी कि तेजस्वी के सबसे नजदीक बड़ी बहन और पाटलिपुत्र से सांसद मीसा भारती बैठीं, दूसरी तरफ लोकसभा में आरजेडी के संसदीय दल के नेता अभय कुशवाहा बैठे। जबकि राज्यसभा सांसद संजय यादव सबसे दूर बैठे।

संजय से दूरी क्यों?

पिछले साल 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी की करारी हार हुई थी। पार्टी मात्र 25 सीटों पर सिमट गई। इसके लिए तेजस्वी यादव और उनके बेहद करीबी संजय यादव को जिम्मेदार ठहराया गया। तेजस्वी के बड़े भाई तेज प्रताप तो लंबे समय से संजय को जयचंद कह रहे हैं।

चुनाव नतीजों रिजल्ट के बाद तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्य ने संजय यादव को लेकर तेजस्वी से तीखे सवाल किए। यहां तक कि उन्हें अपने ही घर में बेइज्जत होना पड़ा। उन पर चप्पल उठाया गया। इससे राजद और लालू परिवार की इमेज खराब हुई।

इन घटनाओं से सीख लेते हुए तेजस्वी ने अब सार्वजनिक मंच पर संजय यादव से दूरी और पार्टी-परिवार से करीबी की रणनीति अपनाई है ताकि विरोधी तो छोड़िए, अपनों की ओर से भी हो रही आलोचना से बच सकें।

पार्टी पर पूरा फोकस

हालिया विवादों के बाद तेजस्वी यादव का पूरा फोकस अब पार्टी पर है। उन्होंने पहले नीतीश सरकार को 100 दिनों का समय दिया था। अब वह 74 दिन बाद ही सरकार को घेरेंगे, सीएम नीतीश कुमार को तेवर दिखाएंगे। शुक्रवार की बैठक में पार्टी की रणनीति पर चर्चा हुई कि आने वाले दिनों में किस तरह सरकार पर वार करना है।

तेजस्वी की रणनीति जमीनी स्तर के मुद्दों पर सरकार को घेरने की है। सरकार की नाकामियों को जनता के सामने लाने की है। इसके लिए उन्होंने पार्टी के विधायकों और विधानसभा चुनाव हारने वाले उम्मीदवारों को अपने-अपने क्षेत्र के मुद्दों की लिस्ट बनाकर देने का टास्क दिया है। तेजस्वी इनका इस्तेमाल सदन से लेकर सड़क तक, सरकार को घेरने के लिए करने वाले हैं।

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