
तेज हुई जुबानी जंग, रेवंत रेड्डी और पिनाराई विजयन की जंग में कूदे BRS
BRS के एमएलसी दासोजू श्रावण ने बुधवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर कड़ा हमला बोलते हुए उन पर केरल के खिलाफ 'झूठा प्रचार' फैलाने का आरोप लगाया...
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के बीच छिड़ी जुबानी जंग अब और भी दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। इस विवाद में अब भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) भी कूद पड़ी है। बीआरएस के एमएलसी दासोजू श्रावण ने बुधवार (8 अप्रैल) को तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर कड़ा हमला बोलते हुए उन पर केरल के खिलाफ 'झूठा प्रचार' फैलाने का आरोप लगाया है।
केरल के विकास का बचाव और रेवंत रेड्डी पर निशाना
बीआरएस नेता दासोजू श्रावण ने केरल की प्रगति की पुरजोर वकालत की। उन्होंने कहा कि केरल का विकास सालों के निरंतर सार्वजनिक प्रयासों, बेहतर शासन और नीतियों के कारण हुआ है, न कि किसी पीआर (PR) आधारित कैंपेन या दिखावे की वजह से। श्रावण के अनुसार, रेवंत रेड्डी द्वारा केरल के प्रति बनाया जा रहा नैरेटिव केवल एक प्रचार-आधारित कोशिश है, जिसे केरल की जागरूक जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने केरल को आज भी देश के लिए मानव विकास (Human Development) का एक बेहतरीन मॉडल बताया।
विवाद की शुरुआत: फिल्म का डायलॉग और राजनीतिक कटाक्ष
यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल के प्रसिद्ध फिल्मी डायलॉग- "नी पो मोने, दिनेशा" (Nee po mone, Dinesha) का इस्तेमाल किया। रेड्डी ने इस चुटीले अंदाज़ में पिनाराई विजयन पर निशाना साधा, जिसे लेकर केरल के राजनीतिक गलियारों में काफी तीखी प्रतिक्रिया हुई।
आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर
इसके बाद, रेवंत रेड्डी ने एक छह पन्नों का लंबा पत्र लिखकर केरल की वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सरकार के विकास कार्यों की आलोचना की। पत्र में उन्होंने पिनाराई विजयन के शासन पर कई सवाल उठाए और आरोप लगाया कि केरल सरकार अपनी छवि को बेहतर दिखाने के लिए पुराने आंकड़ों (Outdated Data) का इस्तेमाल कर रही है।
इस पत्र का जवाब देते हुए पिनाराई विजयन ने बेहद कड़े शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने केरल के विकास के आंकड़ों का मजबूती से बचाव किया और साथ ही तेलंगाना के मुख्यमंत्री द्वारा आधिकारिक पत्र में इस्तेमाल की गई भाषा और लहजे पर गंभीर आपत्ति जताई। यहाँ तक कि जवाब देते हुए विजयन ने रेड्डी के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए "डैश" जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया।
दासोजू श्रावण ने की नेताओं की तुलना
बीआरएस एमएलसी दासोजू श्रावण ने इस पूरे घटनाक्रम में रेवंत रेड्डी की तुलना पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) और पिनाराई विजयन से की। श्रावण ने तर्क दिया कि जहाँ केसीआर और विजयन ने सालों के राजनीतिक संघर्ष और स्पष्ट विजन के जरिए अपनी एक ठोस विरासत (Legacy) बनाई है, वहीं रेवंत रेड्डी की राजनीति केवल अल्पकालिक छवि चमकाने (Image-building) तक सीमित है।
श्रावण लंबे समय से रेवंत रेड्डी की कार्यशैली और भाषा के मुखर आलोचक रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की भाषा को "असभ्य और गरिमा को गिराने वाली" करार दिया। इसके अलावा, उन्होंने गजवेल में केसीआर के कैंप कार्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हालिया हमले की भी कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि यह पूरा हमला मुख्यमंत्री के इशारे पर ही रची गई साजिश थी।

