प्रिंसिपल की कुर्सी, छात्रा की जान! स्कूल के काम से गई बच्ची की मौत
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प्रिंसिपल की 'कुर्सी', छात्रा की जान! स्कूल के काम से गई बच्ची की मौत

तेलंगाना के कामारेड्डी के गुरुकुल स्कूल की घटना। गणतंत्र दिवस पर कुर्सियां ढोने गई थी 8वीं की बच्ची। ऑटो चालक गिरफ्तार, प्रिंसिपल पर लापरवाही का आरोप।


Telangana Class Eight Student Died : तेलंगाना के कामारेड्डी जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक सरकारी स्कूल की घोर लापरवाही ने एक मासूम छात्रा की जान ले ली है। कक्षा 8 में पढ़ने वाली छात्रा संगीता की ऑटो से गिरने से मौत हो गई है। यह हादसा तब हुआ जब वह स्कूल का काम कर रही थी। बताया जा रहा है कि वह प्रिंसिपल के घर कुर्सियां छोड़ने जा रही थी। इस घटना ने स्कूल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाल श्रम और सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाने का यह मामला बेहद गंभीर है। स्थानीय लोगों और परिजनों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। पुलिस और प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।


क्या है पूरा मामला?

संगीता बांसवाड़ा मंडल के अनुसूचित जाति के लिए बने गुरुकुल स्कूल में पढ़ती थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कूल स्टाफ ने गणतंत्र दिवस समारोह के लिए कुर्सियां मँगवाई थीं। इन कुर्सियों को एक ऑटो रिक्शा में प्रिंसिपल के घर ले जाया जा रहा था। हैरानी की बात है कि यह काम मजदूरों के बजाय छात्राओं से कराया जा रहा था। यह बाल श्रम कानूनों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन है। कुर्सियां उतारने और ले जाने का जिम्मा छोटी बच्चियों को सौंपा गया था।

ऑटो नहीं रुका, छात्रा की गई जान

विजुअल्स में देखा गया कि ऑटो से चार बच्चियां या तो कूदीं या गिर गईं। संगीता भी उसी ऑटो में सवार थी जब यह हादसा हुआ। चलते ऑटो से अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह नीचे गिर गई। हैरान करने वाली बात यह है कि गिरने के बाद भी ऑटो नहीं रुका। चालक ऑटो लेकर वहां से मुड़ गया और गायब हो गया। हादसे के तुरंत बाद उसे बांसवाड़ा के अस्पताल ले जाया गया।

डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने संगीता को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, उसके कान से काफी खून बह रहा था। उसके चेहरे और हाथों पर भी गंभीर चोटें आई थीं। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बताया कि उसकी सांसें रुक चुकी थीं। उस समय उसके दिल की धड़कन भी बंद हो चुकी थी। यह सब स्कूल परिसर के अंदर गिरने के कारण हुआ।

ड्राइवर नशे में था?

इलाके की प्रभारी आईएएस अधिकारी किरणमयी कोप्पिसेट्टी ने घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ड्राइवर अक्सर हॉस्टल में आता-जाता रहता था। वह अक्सर लड़कियों को अपने ऑटो में छोड़ता था। आशंका है कि घटना के समय ड्राइवर नशे में हो सकता है। यह भी कहा जा रहा है कि उसे कम सुनाई देता है। फिलहाल ड्राइवर को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस जांच कर रही है कि क्या ड्राइवर को लापरवाही का अहसास नहीं हुआ।

परिजनों और छात्रों का हंगामा

संगीता की मौत के बाद उसके परिवार ने जोरदार प्रदर्शन किया। विभिन्न छात्र संगठन भी न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। स्थानीय लोग स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि नाबालिगों से मजदूरी क्यों करवाई जा रही थी। छात्र संगठनों ने प्रिंसिपल सुनीता और स्टाफ पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगीता का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आवासीय स्कूल में सुरक्षा मानकों में चूक की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।


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