जम्मू में 12 हजार फीट की ऊंचाई पर था अंडरग्राउंड आतंकी ठिकाना : क्या-क्या मिला?, जानकर चौंक जाएँगे !
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ध्वस्त किए गए आतंकी ठिकाने से आटा, बासमती चावल और दालों के अलावा, कई प्रकार के मसाले, मैगी के पैकेट, बिस्कुट और सूखे मेवे भी बरामद किए गए

जम्मू में 12 हजार फीट की ऊंचाई पर था अंडरग्राउंड आतंकी ठिकाना : क्या-क्या मिला?, जानकर चौंक जाएँगे !

सुरक्षा बलों का मानना है कि पत्थरों से बनी दीवारों और कई प्रवेश-निकास रास्तों वाला ये अंडरग्राउंड, मजबूत ठिकाना स्थानीय समर्थन के बिना नहीं बन सकता था।


जम्मू-कश्मीर पुलिस इस गुत्थी में उलझी हुई है कि आखिर आतंकियों ने 12000 फीट की ऊंचाई पर अपना भूमिगत ठिकाना कैसे बना लिया? ठिकाना भी कोई मामूली नहीं था। उसकी दीवारों पत्थरों से बनी हैं और उसमें प्रवेश करने के और वहां से निकलने के कई रास्ते हैं। सबसे हैरानी की बात ये है कि इस ठिकाने में महीनों तक चलने लायक राशन और अन्य जरूरी सामान मौजूद था, जिनमें गैस सिलेंडर, चूल्हा और बर्तन भी शामिल थे। यहां एक समय में चार आतंकी को शरण दे जा सकती थी।

इस सीक्रेट आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ सोमवार 19 जनवरी को हुआ। इसके बाद पुलिस ने मंगलवार को किश्तवाड़ जिले के छत्रू इलाके में फरार आतंकियों का पता लगाने के अभियान के तीसरे दिन दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासतमें लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये दोनों पुलिस रिकॉर्ड में ओजीडब्ल्यू (ओवरग्राउंड वर्कर्स) के रूप में सूचीबद्ध थे। ।

सुरक्षाबलों का मानना है कि पत्थरों से बनी दीवारों और कई प्रवेश-निकास रास्तों वाला ऐसा मजबूत भूमिगत ठिकाना, लगभग 12,000 फीट की ऊंचाई पर, स्थानीय समर्थन के बिना नहीं बन सकता। सूत्रों ने कहा कि इतनी ऊंचाई तक इतनी बड़ी मात्रा में राशन और जरूरी सामान जुटाने और पहुंचाने के लिए आतंकियों को मदद की जरूरत पड़ी होगी, जिससे इस आशंका को और बल मिलता है।

आटा, बासमती चावल और दालों के अलावा, सुरक्षा बलों ने दर्जनभर किस्म के मसाले, मैगी के पैकेट, बिस्कुट और सूखे मेवे भी जब्त किए। सूत्रों के अनुसार, आतंकियों ने सर्दियों में खुद को गर्म रखने के लिए पर्याप्त सूखी लकड़ी भी जमा कर रखी थी।

यह ठिकाना एक रणनीतिक ऊंचे स्थान पर बनाया गया था, ताकि आतंकी दूर से ही अपनी ओर आने वाले किसी भी व्यक्ति पर नजर रख सकें।

इस बीच, पुलिस और सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी जिनमें जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) भीम सेन टुटी और सीआरपीएफ जम्मू के महानिरीक्षक आर. गोपाला कृष्ण राव शामिल हैं, ने अभियान की निगरानी के लिए मुठभेड़ स्थल का दौरा किया। रविवार को ग्रेनेड हमले और गोलीबारी में आठ सैनिक घायल हो गए थे। इनमें से एक, स्पेशल फोर्सेज के हवलदार गजेंद्र सिंह, बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ गए।

आतंकियों को बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे ‘त्राशी-I’ नामक अभियान के तहत, सुरक्षा बलों और पुलिस ने कई दिशाओं में तलाशी अभियान शुरू किया है। उनका मानना है कि जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी समूह एक सैफुल्लाह के नेतृत्व में और दूसरा आदिल के नेतृत्व में, पिछले दो वर्षों से छत्रू इलाके में सक्रिय हैं। दोनों ही पाकिस्तानी नागरिक बताए जा रहे हैं। कुल मिलाकर, माना जा रहा है कि पहाड़ी डोडा और किश्तवाड़ जिलों के जंगलों में लगभग 35 पाकिस्तानी आतंकी छिपे हुए हैं।

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