
Delhi- NCR में फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, कड़ाके की ठंड के लिए रहें तैयार
दिल्ली-एनसीआर में तीसरा पश्चिमी विक्षोभ जल्द सक्रिय होगा। 30 जनवरी से 2 फरवरी तक असर दिखेगा, जबकि 1 फरवरी को हिमालयी राज्यों में बर्फबारी की संभावना है।
Delhi NCR Weather Update: दिल्ली और एनसीआर में एक बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। पिछले दो दिनों से बारिश नहीं हुई है। लेकिन आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक जल्द ही उत्तर पश्चिम भारत यानी पंजाब ,हरियाणा, राजस्थान में तीसरा पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होने वाला है और इसके असर को दिल्ली-एनसीआर में नजर आएगा।
मौसम विभाग के मुताबिक 30 जनवरी से लेकर 2 फरवरी के बीच नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी इलाकों को भी प्रभावित करेगा। इसकी वजह से 1 फरवरी को हिमालयी राज्यों में बर्फबारी की संभावना है। बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और तापमान में गिरावट आ सकती है। दिल्ली, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और गौतमबुद्ध नगर के कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना भी जताई जा रही है। इसकी वजह से ठंड एक बार फिर बढ़ सकती है।
क्या होता है पश्चिमी विक्षोभ?
पश्चिमी विक्षोभ एक प्रकार की मौसमी प्रणाली है। यह भूमध्य सागर और उसके आसपास के क्षेत्रों से उत्पन्न होती है। यह प्रणाली पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ता हुआ भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों तक पहुंचता है। अपने साथ नमी लेते हुए यह भारत में दाखिल होता है। इसकी वजह मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होती है।
सर्दियों के मौसम में खासतौर से उत्तर भारत में होने वाली अधिकतर बारिश और बर्फबारी पश्चिमी विक्षोभ की वजह से ही होती है। यह न सिर्फ मौसम को प्रभावित करता है। जहां इससे मौसम का मिजाज और सर्द होता है वहीं कृषि के नजरिए से यह महत्वपूर्ण होता है। इससे गेहूं जैसी रबी फसलों को लाभ मिलता है। लेकिन ज्यादा सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ठंड बढ़ाने, कोहरे और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकता है।

