1 करोड़ का इनामी टॉप माओवादी अनल दा मुठभेड़ में मारा गया, झारखंड में कुल 15 माओवादी ढेर
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यह अभियान केंद्र सरकार की मार्च 2026 तक माओवादी विद्रोह को समाप्त करने की समय-सीमा से पहले चलाया जा रहा है।

1 करोड़ का इनामी टॉप माओवादी 'अनल दा' मुठभेड़ में मारा गया, झारखंड में कुल 15 माओवादी ढेर

झारखंड के तीन सबसे वांछित माओवादी नेताओं में शामिल अनल दा उर्फ पति राम माझी इस ऑपरेशन में मारा गया। वह सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था और सारंडा क्षेत्र में सक्रिय था।


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झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल क्षेत्र में गुरुवार को सुरक्षा बलों और माओवादी कैडरों के बीच हुई मुठभेड़ में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का एक शीर्ष नेता समेत लगभग 15 माओवादियों के मारे जाने की आशंका है। जो टॉप माओवादी नेता मारा गया, उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम था। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ छोटानागरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुंभडीह गांव के पास शुरू हुई और ऑपरेशन अभी जारी है।

यह गोलीबारी गुरुवार तड़के शुरू हुई। आसपास के गांवों के निवासियों ने सुबह-सुबह लगातार गोली चलने की आवाजें सुनने की सूचना दी, जबकि जंगल के भीतर से भारी फायरिंग की गूंज सुनाई देती रही।

शुरुआती जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ में करीब 15 माओवादियों के मारे जाने की आशंका है, हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभी मृतकों की गिनती जारी है। ऑपरेशन के समाप्त होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।

झारखंड के तीन सबसे वांछित माओवादी नेताओं में शामिल अनल दा उर्फ पति राम माझी इस ऑपरेशन में मारा गया। वह सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था और सारंडा क्षेत्र में सक्रिय था। हालांकि अधिकारियों ने अब तक बाकी दो शीर्ष माओवादी नेताओं, पूर्व में पुलिस हिरासत से फरार हुए पोलित ब्यूरो सदस्य और ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो के सचिव मिसिर बेसरा, तथा पश्चिम बंगाल के मूल निवासी असीम मंडल उर्फ आकाश मंडल के बारे में कोई पुष्टि नहीं की है।

यह अभियान केंद्र सरकार की मार्च 2026 तक माओवादी विद्रोह को समाप्त करने की समय-सीमा से पहले चलाया जा रहा है। चाईबासा पुलिस के अनुसार, सुरक्षा बल घने सारंडा जंगलों में माओवादियों के खिलाफ तलाशी अभियान चला रहे थे, तभी घात लगाए बैठे माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी गोलीबारी की, जिसके बाद मुठभेड़ तेज हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑपरेशन और माओवादी नेता की मौत की पुष्टि करते आईजी (ऑपरेशंस) माइकल राज ने की है। उनके हवाले से बताया गया है कि खुफिया सूचना के आधार पर यह अभियान सुबह करीब 6:30 बजे शुरू हुआ। उन्होंने कहा, “फिलहाल हम पूरी जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं। मृत माओवादियों की संख्या की पुष्टि अभी नहीं की जा सकती। लेकिन इतना तय है कि अनल दा के साथ-साथ करीब आठ से नौ अन्य माओवादी भी मारे गए हैं।”

आईजी माइकल राज ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सारंडा माओवादियों के लिए अब भी एक प्रमुख ऑपरेशनल क्षेत्र बना हुआ है। उन्होंने कहा, “कठिन भूभाग, घने जंगल और ऊबड़-खाबड़ पहाड़ सीपीआई (माओवादी) को यहां अपनी गतिविधियां जारी रखने का मजबूत आधार देते हैं। जंगल के भीतर बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चल रहा है।”

उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है। ऑपरेशन को बड़ी सफलता बताते हुए झारखंड की डीजीपी तडाशा मिश्रा ने कहा कि सबसे वांछित माओवादियों का मारा जाना पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा,“यह हमारे जवानों की ओर से बहुत अच्छा काम है। यह अभियान सुबह से चल रहा है और यह उन सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है, जिसकी हमें तलाश थी।”

इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।

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