
72 घंटे में 2 पुलिसवालों की हत्या, 'जंगलराज' पर अब क्या कहेंगे नीतीश?
बिहार में चुनावी साल में कानून व्यवस्था एक बड़ा सवाल बनती जा रही है। बिहार में अलग-अलग जगहों में 72 घंटे के भीतर पुलिस के दो ASI की हत्या कर दी गई।
बिहार में चुनावी साल में कानून व्यवस्था का मामला नीतीश सरकार के सामने नई चुनौती बनकर खड़ा है। नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव के शासनकाल को जंगलराज कहना नहीं भूलते, लेकिन पिछले 72 घंटे में दो सनसनीखेज वारदातों ने खुद नीतीश के 'सुशासन' के दावों की पोल खोल दी।
बिहार में पिछले तीन दिन के भीतर हत्या की दो वारदात हुई हैं, लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि दोनों वारदातों में बिहार पुलिस के दो ASI मारे गए हैं। मुंगेर जिले में शुक्रवार को एक ASI की भीड़ ने धारदार हथियार से हमला करके हत्या कर दी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संतोष कुमार नाम के उन ASI पर उस वक्त हमला हुआ जब वो दो गुटों के बीच झगड़ा सुलझाने के लिए गए थे। उन पर धारदार हथियार से वार किया गया।
उन्हें गंभीर अवस्था में पटना में इलाज के लिए ले जाया गया लेकिन वहां उन्होेंने दम तोड़ दिया।
72 घंटे में दूसरा मर्डर
इससे पहले बुधवार को अररिया जिले में भी एक वर्दीवाले की हत्या कर दी गई। मीडिया रिपोर्ट्स बता रही हैं कि अररिया जिले के फुलकाहा थाने में तैनात ASI राजीव कुमार मल्ल एक अपराधी को पकड़ने के लिए अपनी टीम के साथ गए थे।
लेकिन वहां पहुंचकर लोकल लोगों से उनकी झड़प हो गई। इसी दौरान ASI राजीव मल्ल पर भी हमला हुआ और उनकी मौत हो गई। इस तरह बिहार में तीन दिन के भीतर दो पुलिसवालों की हत्या कर दी गई।
'जंगलराज' की गूंज
हालांकि दोनों वारदातों में आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुंगेर में ASI संतोष कुमार के हत्या के मुख्य आरोपी रणवीर कुमार समेत ५ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं अररिया में ASI राजीव मल्ल की हत्या के 6 आरोपियों को भी पकड़ने का पुलिस ने दावा किया है।
लेकिन सवाल बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर उठ रहे हैं। राज्य में जब वर्दीवाले ही महफूज नहीं हैं तो आम जनता में अपनी सुरक्षा का भरोसा कैसे जगेगा?
कानून व्यवस्था के सवाल पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अक्सर लालू प्रसाद यादव के दौर को 'जंगलराज' बताना नहीं भूलते, लेकिन जिस तरह से बिहार में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, इससे खुद नीतीश कुमार का 'सुशासन' भी सवालों के घेरे में है।
आरजेडी नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव तो अपराध की घटनाओं पर नीतीश कुमार सरकार को नियमित तौर पर घेर रहे हैं। अब लग रहा है कि 72 घंटे में बिहार पुलिस के 2 ASI की हत्या का मामला भी तूल पकड़ेगा।
बिहार में बढ़ती अपराध की घटनाएं नीतीश सरकार के लिए इसलिए बड़ी चुनौती है कि इस साल उसे चुनाव में जाना है।