
योगी सरकार 2.0 का आख़िरी बजट पेश-छात्राओं को स्कूटी, युवाओं रोज़गार, औद्योगिक विकास पर ज़ोर
चुनावी साल से पहले पेश बजट में पुराने वायदे को पूरा करने के अलावा इन्फ्रास्ट्रक्चर और मिशन रोज़गार पर फोकस किया गया है।यूपी सीएम ने बजट के बाद कहा कि उत्तर प्रदेश को लेकर लोगों की राय बदली है।अब यूपी 'एम्प्लॉयमेंट जनरेटर’ भी है।
UP budget 2026-27: योगी सरकार ने यूपी का अब तक का सबसे बड़ा बजट बुधवार को यूपी विधानसभा में पेश किया।यह बजट 9 लाख 12 हज़ार 696 करोड़ रुपए का है जो पिछले वित्तीय वर्ष के मुक़ाबले 12.9 प्रतिशत ज़्यादा है।वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के बजट पेश करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों का जिक्र शायराना अंदाज़ में किया।उन्होंने यूपी सीएम की तारीफ़ करते हुए कहा 'यही जुनून यही ख़्वाब मेरा है, दीया जलाकर रोशनी कर दूँ जहाँ अँधेरा है।’ हालाँकि विपक्ष ने बजट से पहले न सिर्फ़ विरोध प्रदर्शन किया बल्कि कहा कि योगी सरकार का यह आख़िरी बजट भाजपा की विदाई का बजट है।यानी अगले साल होने वाले चुनाव में जनता बीजेपी को मौक़ा नहीं देगी।
यूपी के बारे में लोगों की राय बदली : योगी-
योगी 2.0 के आख़िरी पूर्ण बजट में भले ही चुनावी साल की झलक साफ़ दिखाई पड़ रही है पर विपक्ष ने इसपर निशाना साधा है।विपक्ष का कहना है कि इस बजट में कोई स्पेशल पैकेज नहीं है, सिर्फ 5% नई योजनाएं हैं ऐसे में यह सिर्फ़ 'आंकड़ों की बाज़ीगरी’ है।अखिलेश यादव ने यूपी सीएम पर तंज करते हुए कहा कि ‘’मेट्रो बनाने की बात करने वाले अपने ज़िले में ही मेट्रो नहीं बना पाए।यह विदाई बजट है, बीजेपी की विदाई तय है।’’ इधर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट के बाद कहा कि अब उत्तर प्रदेश 'इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन’ (Investment destination) के साथ 'एम्प्लॉयमेंट जनरेटर’ (employment generator) भी बन रहा है।योगी ने कहा कि यूपी को लेकर 9 साल में लोगों की राय बदली है।9 साल से कोई भी टैक्स नहीं लगाया गया है।
स्कूटी का वायदा पूरा करने के लिए प्रावधान-
यूपी के 9,12,696 करोड़ रुपए के बजट में युवा, महिला, किसान पर फोकस करते हुए फ्लैगशिप योजनाओं के लिए धन का प्रावधान किया है।बजट में 43 हज़ार करोड़ की नई योजनाएं शुरू करने का प्रस्ताव है।10 लाख युवाओं को रोज़गार देने का लक्ष्य तय किया गया है।वहीं दूसरे कार्यकाल के सबसे पुराने वायदे लड़कियों की स्कूटी के लिए 400 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।2022 में बीजेपी ने स्कूटी देने का चुनावी वायदा किया था जो अब तक टलता रहा।बजट में कृषि, शिक्षा हेल्थ सेक्टर पर फोकस करते हुए औद्योगिक विकास का खांका खींचा गया है।
औद्योगिक विकास पर दांव, एक्सप्रेसवे और इंडियस्ट्रयल कॉरिडोर पर ज़ोर-
योगी सरकार 2.0 के चुनाव से पहले आने वाले आख़िरी पूर्ण बजट में सबसे ज़्यादा ध्यान औद्योगिक विकास पर दिया गया है।पिछले कुछ समय से यूपी सरकार एक्सप्रेसवे और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निर्माण को प्रदेश की आर्थिक तरक्की से जोड़ कर देख रही है।यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी घोषणा की कि गंगा एक्सप्रेसवे बिहार तक जाएगा।पिछले हर बजट में यूपी सरकार ने सबसे ज़्यादा औद्योगिक क्षेत्र में फोकस किया है।इस बार चुनावी बजट में भी विकास और औद्योगिक निवेश के लिए भारी भरकम बजट की व्यवस्था की गई है।अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो 13 प्रतिशत ज़्यादा है।मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण योजना 5 हज़ार करोड़ रुपये दिए गए हैं।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण के दौरान प्रदेश के विकास की बात करते हुए विपक्ष को करारा जवाब दिया।वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि यूपी की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रूपये आकलित है जो 2016-2017 में प्रति व्यक्ति आय 54,564 रूपये के दो गुने से ज़्यादा है।सुरेश खन्ना ने यूपी के विकास को बताते हुए कहा कि अब देश में बनने वाले मोबाइल का 65% यूपी में बनता है।
योगी ने कहा अन्नदाताओं को बनाएंगे उद्यमी-
बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 10 हजार 888 करोड़ का प्रावधान किया गया है।किसानों को ट्यूबवेल के लिए मुफ्त बिजली को प्राथमिकता दी है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट के बाद कहा कि “अन्नदाता सिर्फ़ लाभार्थी नहीं हैं।उन्हें उद्यमी बनाने की दिशा में आगे बढ़ाएँगे।बजट में इसका प्रावधान किया गया है।’’ बजट में सिंचाई एवं जल संसाधन के बजट में 30 प्रतिशत वृद्धि करते हुए 18,290 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।गन्ना हमेशा से ही यूपी की राजनीति में मुद्दा रहा है।चुनावी साल से पहले इस आख़ितो बजट में गन्ना किसानों का खूब जिक्र हुआ। सरकार ने इस साल गन्ने के समर्थन मूल्य में वृद्धि की थी।वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण में जानकारी दी कि सरकार के कार्यकाल में 3,04,321 करोड़ रूपये से अधिक के रिकॉर्ड गन्ना मूल्य का भुगतान कराया गया है।यह भुगतान इसके पूर्व के 22 वर्षों के सम्मिलित गन्ना मूल्य भुगतान 2,13,519 करोड़ रूपये से भी 90,802 करोड़ रूपये अधिक है।
युवाओं को टेबलेट/ स्मार्टफोन, रोज़गार के लिए MSME पर फोकस-
बजट में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत टैबलेट/स्मार्टफोन वितरण के लिए 2,374 करोड़ रुपये दिए गए हैं।MSME सेक्टर के ज़रिए रोज़गार सृजन पर फोकस किया गया है।इसके लिए 3 हजार 822 करोड़ दिए गए हैं।को पिछले साल के बजट से 19 प्रतिशत ज़्यादा है। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग के लिए ,041 करोड़ रुपये (पाँच गुना वृद्धि) प्रावधान किया गया है।बजट में आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस ( AI) के लिए 225 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केन्द्र बन गया है।देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है।सरदार वल्लभभाई पटेल इम्प्लॉयमेंट एवं इंडस्ट्रियल जोन के लिए 575 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1 हज़ार करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गई है।आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स के बजट में भारी भरकम वृद्धि की गई है और 2,059 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं का बजट 15 प्रतिशत बढ़ा-
बजट में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 37,956 करोड़ की व्यवस्था की गई है।पिछले साल से यह 15 प्रतिशत ज़्यादा है।चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ और प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 1023 करोड़ का प्रावधान किया गया है।आयुष विभाग के लिए 2,867 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन- 2,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत 8,641 करोड़ रुपये दिए गए हैं।ऊर्जा क्षेत्र के लिए 65 हजार 926 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
बजट में अयोध्या के विकास के लिए 150 करोड़ दिए गए हैं जबकि पर्यटन विभाग के तहत मुख्यमंत्री पर्यटन विकास योजना के लिए 500 करोड़ दिए गए हैं।वहीं विंध्याचल विकास के लिए, वाराणसी में विकास के लिए और नैमिषारण्य तीर्थ के विकास के लिए 100-100 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है।
विपक्ष ने कहा बजट में कुछ नहीं- सरकार की विदाई तय-
विपक्ष में बजट को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा है कि ''बजट में दिशा, दृष्टि और जनहित तीनों का अभाव है।इतने बड़े बजट में 5 प्रतिशत से भी कम नई योजनाओं के लिए रखा गया है।DAP यूरिया पर कोई कोई प्रावधान नहीं है और बढ़ती लागत और महँगाई के बावजूद कोई विशेष पैकेज नहीं दिया गया है।’’ वहीं समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि ''इस आख़िरी बजट से भाजपा सरकार की विदाई तय है।ये मेट्रो बनाने की बात करते हैं लेकें मुख्यमंत्री अपने गृह ज़िले ( गोरखपुर ) में मेट्रो नहीं बना पाए।’’ आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ डॉ महेंद्र सिंह कहते हैं '' राजनीतिक रूप से यह बजट 2027 से पहले सरकार के ‘विकास + स्थिरता + भरोसा’ वाले नैरेटिव को मज़बूत आधार देता है।आकार में ऐतिहासिक होने के साथ ही यह बजट स्थिरता और विकास दोनों का रोडमैप देता है।’’

