नोएडा में बवाल और आगजनी के बाद यूपी सरकार एक्टिव, न्यूनतम मजदूरी बढ़ी
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नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कर्मचारियों ने सैलरी में इजाफे को लेकर प्रदर्शन किया था।

नोएडा में बवाल और आगजनी के बाद यूपी सरकार एक्टिव, न्यूनतम मजदूरी बढ़ी

नोएडा में कर्मचारियों के हिंसक प्रदर्शन के बाद यूपी सरकार ने न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी है। अंतरिम फैसले को लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही बोर्ड गठन की घोषणा भी की है।


सोमवार 13 अप्रैल को नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन और आगजनी की घटनाओं के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। देर रात जारी इस निर्णय के तहत अंतरिम वेतन वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। विभिन्न श्रेणियों में मजदूरी में अधिकतम लगभग ₹3000 तक की वृद्धि की गई है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह एक तात्कालिक (इंटरिम) निर्णय है। भविष्य में व्यापक समीक्षा के बाद वेज बोर्ड के माध्यम से स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

अफवाहों का खंडन

सरकार ने सोशल मीडिया पर वायरल उन खबरों को सिरे से खारिज किया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि श्रमिकों का न्यूनतम वेतन ₹20,000 प्रति माह कर दिया गया है। आधिकारिक बयान में इसे “मनगढ़ंत और झूठी” सूचना बताया गया है और लोगों से केवल विश्वसनीय व आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करने की अपील की गई है।

वेज बोर्ड का गठन जल्द

शासन की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और श्रमिकों की मांगों को ध्यान में रखते हुए यह अंतरिम बढ़ोतरी की गई है। अगले महीने एक वेज बोर्ड का गठन किया जाएगा, जिसकी सिफारिशों के आधार पर भविष्य में न्यूनतम वेतन तय किया जाएगा। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा नई श्रम संहिताओं के तहत पूरे देश के लिए एक समान “फ्लोर वेज” निर्धारित करने की प्रक्रिया भी जारी है।

नई न्यूनतम मजदूरी दरें

हाल ही में अधिसूचित नई दरें इस प्रकार हैं:

अकुशल श्रमिक: ₹11,313.65 प्रति माह (₹435.14 प्रतिदिन)

अर्धकुशल श्रमिक: ₹12,446 प्रति माह (₹478.69 प्रतिदिन)

कुशल श्रमिक: ₹13,940.37 प्रति माह (₹536.16 प्रतिदिन)

सरकार की अपील और सख्ती

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) फैक्ट्री के मालिकों से अपील की है कि वे श्रमिकों को नियमानुसार वेतन, ओवरटाइम भुगतान, साप्ताहिक अवकाश और बोनस सुनिश्चित करें। साथ ही कार्यस्थल पर महिला श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है।

उन्होंने हिंसा और अव्यवस्था फैलाने वाले बाहरी तत्वों की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन को ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

क्या हुआ था नोएडा में?

सोमवार को नोएडा में एक निजी कंपनी के कर्मचारियों का वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर प्रदर्शन उग्र हो गया। कई दिनों से जारी धरना अचानक हिंसक रूप ले बैठा। सेक्टर-60 और 62 के आसपास सड़कों पर भारी जाम लग गया, जिससे आम लोगों और दफ्तर जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान वाहनों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं।

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