
बनारस की सभा में योगी सरकार के दो मंत्री, जानें- क्यों हुआ बवाल
वाराणसी में सुहेलदेव जयंती कार्यक्रम के दौरान मंत्री अनिल राजभर ने ओपी राजभर को चोर कहा। बयान के बाद धरना शुरू हुआ और योगी सरकार की अंदरूनी कलह उजागर हो गई।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के दो कैबिनेट मंत्रियों—अनिल राजभर और ओम प्रकाश राजभर—के बीच लंबे समय से चली आ रही तनातनी एक बार फिर सार्वजनिक हो गई है। वाराणसी में महाराजा सुहेलदेव की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मंच से ही अनिल राजभर ने सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ओपी राजभर को ‘चोर’ कह दिया। इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है।
घटना के तुरंत बाद सुभासपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने माफी या एफआईआर की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। वहीं, ओपी राजभर की ओर से भी इस मामले को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से आपत्ति दर्ज कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
नारेबाजी के बाद बिगड़ा माहौल
मामला वाराणसी के सुहेलदेव पार्क का है, जहां महाराजा सुहेलदेव राजभर की जयंती पर आयोजित समारोह को कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान पीला गमछा पहने सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। आयोजकों ने नारेबाजी रोकने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।
नारेबाजी से नाराज़ अनिल राजभर ने मंच से ही सुभासपा कार्यकर्ताओं को पंडाल से बाहर निकालने का निर्देश दे दिया। इस दौरान उन्होंने कहा, “जैसे इनके नेता चोर हैं, वैसे ही ये सब हैं। ये समाज को बेचने का काम करते हैं।” मंत्री के इस बयान के बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
समर्थकों के बीच तनाव, कार्यकर्ता बाहर निकाले गए
अनिल राजभर के निर्देश के बाद आयोजकों और उनके समर्थकों ने सुभासपा कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल से बाहर करना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण भी हो गई, हालांकि बाद में हालात पर काबू पा लिया गया।
ओपी राजभर से गठबंधन के विरोधी रहे हैं अनिल राजभर
अनिल राजभर और ओपी राजभर के बीच राजनीतिक टकराव कोई नया नहीं है। सुभासपा और भाजपा के बीच मौजूदा गठबंधन के तहत ओपी राजभर को योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, लेकिन अनिल राजभर इस गठबंधन का शुरू से विरोध करते रहे हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव में ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और अनिल राजभर को हराने के लिए अपने बेटे अरविंद राजभर को उनके खिलाफ मैदान में उतारा था। इसके बावजूद अनिल राजभर चुनाव जीत गए और मंत्री बने। चुनाव के बाद ओपी राजभर की सपा से दूरी बढ़ी और भाजपा से गठबंधन की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसका सबसे मुखर विरोध अनिल राजभर ने ही किया था।
‘चोर’ कहे जाने पर धरने पर बैठे सुभासपा समर्थक
अनिल राजभर द्वारा ओपी राजभर को ‘चोर’ कहे जाने के बाद सुभासपा समर्थक महाराजा सुहेलदेव पार्क में धरने पर बैठ गए। युवा मोर्चा सुहेलदेव पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रुद्र राजन राजभर ने कहा कि जब तक अनिल राजभर माफी नहीं मांगते या उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।
घटना ने एक बार फिर योगी सरकार के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को उजागर कर दिया है और आने वाले दिनों में इस विवाद के और तूल पकड़ने की संभावना जताई जा रही है।

