हाई-टेक या हाई-ड्रामा? गाजियाबाद पुलिस की ‘पीठ स्कैन’ नागरिकता जांच वायरल
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हाई-टेक या हाई-ड्रामा? गाजियाबाद पुलिस की ‘पीठ स्कैन’ नागरिकता जांच वायरल

गाजियाबाद में यूपी पुलिस का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक पुलिसकर्मी पीठ पर मोबाइल लगाकर नागरिकता जांच करता दिखा। सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है।


उत्तर प्रदेश पुलिस इन दिनों सोशल मीडिया पर आलोचना और मजाक का विषय बनी हुई है। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में पुलिसकर्मियों द्वारा किया गया एक ऐसा कारनामा सामने आया है, जिसे देखकर लोग हैरान भी हैं और हंस भी रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक पुलिसकर्मी लोगों की पीठ पर मोबाइल फोन लगाकर उनकी “नागरिकता जांच” करता नजर आ रहा है ठीक वैसे ही जैसे किसी सुपरमार्केट में बारकोड स्कैन किया जाता है।

आमतौर पर नागरिकता या पहचान की पुष्टि के लिए पासपोर्ट, आधार कार्ड या बायोमेट्रिक दस्तावेजों की जांच की जाती है। लेकिन इस वीडियो में पुलिसकर्मी एक ‘रहस्यमयी मशीन’ का इस्तेमाल करता दिखाई देता है, जो कथित तौर पर किसी व्यक्ति की पीठ पर मोबाइल फोन रखने भर से उसके मूल निवास स्थान की जानकारी दे रही है।

वायरल वीडियो में गाजियाबाद के पुलिसकर्मी अजय शर्मा एक व्यक्ति की पीठ पर मोबाइल फोन रखकर उसकी “नागरिकता जांच” करते दिख रहे हैं। वीडियो में शर्मा यह कहते हुए सुने जा सकते हैं मशीन दिखा रही है कि यह आदमी बांग्लादेशी है।”

हालांकि, झुग्गी-बस्ती में रहने वाले लोगों का कहना है कि जिस व्यक्ति को पुलिसकर्मी ने स्कैन किया, वह बिहार के अररिया जिले का निवासी है। यह वीडियो 23 दिसंबर को रिकॉर्ड किया गया बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों ने संज्ञान लिया है, हालांकि अब तक गाजियाबाद पुलिस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

सोशल मीडिया पर मज़ाक और नाराज़गी

इंटरनेट पर यह वीडियो तेजी से फैलते ही मीम्स और चुटकुलों की बाढ़ आ गई। लोग इस कथित हाई-टेक डिवाइस को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जो किसी व्यक्ति की पीठ पर मोबाइल रखने से उसे विदेशी घोषित कर सकती है। कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने इसे अवैज्ञानिक और हास्यास्पद बताया, वहीं कुछ लोगों ने पुलिसकर्मी पर गरीब और कमजोर तबके को गुमराह करने का आरोप भी लगाया।

अवैध प्रवासियों के खिलाफ अभियान जारी

इस बीच, गाजियाबाद पुलिस और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) ने इलाके में अवैध प्रवासियों की तलाश के लिए संयुक्त तलाशी अभियान चलाया है। यह अभियान खासतौर पर झुग्गी-बस्तियों में केंद्रित रहा। पुलिस ने आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट और अन्य पहचान दस्तावेजों की जांच की और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से रह रहा पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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