
जाति, बुलडोजर और 2027, यूपी की सियासत पर विनय कटियार का तीखा इंटरव्यू
यूपी की राजनीति, जाति भोज, बुलडोजर कार्रवाई और SIR जैसे मुद्दों पर बीजेपी नेता विनय कटियार ने विपक्ष के हर आरोप को खारिज करते हुए 2027 की रणनीति साफ की।
Vinay Katiyar Interview: सियासी गलियारों में आमतौर पर चर्चा होती है कि दिल्ली का रास्ता लखनऊ से होकर गुजरता है। अगर यह चर्चा होती है तो उसके पीछे की वजह यह है कि यूपी 80 सांसदों को लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर संसद में भेजता है। विधानसभा की 403 सीटें हैं। पिछले 9 साल बीजेपी राज्य की सत्ता पर काबिज है। अब उसकी नजर 2027 के विधानसभा चुनाव पर है। जीते तो हैट्रिक लगी यदि जीत नहीं मिली तो सत्ता की बागडोर विपक्ष के हाथ में होगी। इन सबके बीच यूपी की सियासत में ठाकुर भोज, ब्राह्मण भोज, एसआईआर, अल्पसंख्यक समाज के साथ भेजभाव का मुद्दा जोरशोर से विपक्ष उठा रहा है। इन सबके बीच द फेडरल देश ने राम मंदिर आंदोलन के मुखर आवाज, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विनय कटियार से खास बातचीत की।
सवाल- खुद को अलग बताने वाली बीजेपी क्या खुद जाति के जाल में फंस गई है। कभी ठाकुर भोज तो कभी ब्राह्मण भोज?
जवाब- नहीं, ऐसा नहीं है। जो आप बोल रहे हो कि चाल चरित्र और उसका तो ऐसा कुछ भारतीय जनता पार्टी में नहीं है। अपने हिसाब से काम हो रहा है वो आगे भी होता रहेगा।
सवाल- ब्राह्मण भोज पर समाजवादी पार्टी आप की पार्टी पर निशाना साध रही है। सपा का आरोप है कि मुख्यमंत्री अपनी जाति की राजनीति कर रहे हैं?
जवाब- नहीं, नहीं ऐसा कुछ नहीं है। किसी भी प्रकार की कोई द्वेष भावना जातिवाद ये कुछ नहीं है। यहां सभी वाद है हमारे यहां सब लोग जुड़कर के काम करते हैं। जितना हम कह रहे हैं वही सत्य है बाकी कुछ नहीं है।
सवाल- आखिर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को यह कहना पड़ा जो है कि अब ब्राह्मण भोज नहीं?
जवाब- यह सब बकवास की बात है और उसमें मीडिया की बात है। मीडिया सब इस प्रकार की बातें कर रहा है। हम तो सब जगह घूम रहे हैं। कहीं किसी किसी जिले में इस प्रकार की चर्चा नहीं है। किसी ने हमसे कहा भी नहीं है। मैं अध्यक्ष रहा हूं। सब जगह लोग मिलते हैं। अगर कुछ इस प्रकार की चर्चा होती तो कोई ना कोई तो हमसे बात करता ही किसी ने नहीं की। ये सब बकवास है। गलत बात है।
ये तो अच्छी सी बात है कि भाई समाज का सभी वर्ग मिलजुल के और सबको अधिकार है कि भाई ठीक है अपने अपने समाज का सम्मेलन करें। अपने अपने समाज का भोज करें। ब्राह्मणों ने अगर भोज कर दिया तो फिर किसी को ऐतराज क्यों। मुझे नहीं मालूम है पंकज जी ने क्या कहा है। वो समझदार व्यक्ति हैं। और कोई नए राजनीतिक नहीं है। वह भी सांसद रहे हैं। वह केंद्र में मिनिस्टर रहे हैं। अब यहां अध्यक्ष हैं। काम कर रहे हैं। वह सब इस प्रकार की पंकज जी कोई बात नहीं कहे। बकवास है ये बात।
सवाल- समाजवादी पार्टी एक बात कहती है कि उत्तर प्रदेश में अगर 2017 से लेकर के आज की तारीख में देखा जाए तो योगी जी ने सिर्फ भड़काने वाला और बुलडोजर पर काम किया है?
जवाब- ये सब मीडिया का किया हुआ धरा व्यवहार है। कुछ नहीं बुलडोजर तो उनके ऊपर चलने ही वाला है। जो लोग गड़बड़ लोग हैं उनको माफ नहीं किया जा सकता है। बुलडोजर अगर चल भी रहा है तो एक दो जगह गया है। जरूरत पड़ी होगी तो उसकी बुलडोजर की काम किया गया होगा।
सवाल- समाजवादी पार्टी का कहना है कि बुलडोजर सेलेक्टिव तरीके से चलता है?
जवाब-बिल्कुल झूठ है। संभल में जो प्रकार का काम हुआ है वहां पर बुलडोजर चला है और जरूरत पड़ी तो मुसलमानों के भी घर तोड़े गए हैं और यह सब काम जो गलत हो रहे हैं तो आप यह समझ लो या तो वोट लोग सब ठीक हो अब सब में मामूली काम हुआ था। 20 लोगों को मार दिया मुसलमानों ने। वो माफ किया जा सकता है क्या? ये केवल आरोप प्रत्यारोप लगाने की बात हो रही है। योगी जी वही काम करते हैं। ना जाति देखते हैं ना धर्म देखते हैं। अगर गलत काम होगा तो बुलडोजर जाएगा। और वो काम करेगा।
सवाल- क्या मुसलमान इस प्रदेश के वासी नहीं है? क्या मुसलमानों को हक नहीं है कि वो अपनी बात कहें?
जवाब- जिन लोगों ने जिनको बढ़ावा दिया है जिन पार्टियों ने गलत ढंग से बढ़ावा दिया है जो बदमाश लोग हैं जो घर गिराने का काम कर रहे थे लोगों को मारने का काम कर रहे थे लोग मारे जा रहे थे तो अगर आवश्यकता पड़ी तो काम किया जाएगा बुलडोजर नहीं उस पर और बुलडोजर चलेंगे और मैं कह रहा हूं ये विनय कटियार बोल रहे हैं। यह यह जरूरत अगर पड़ेगी तो यह और बुलडोजर चलवाए जाएंगे।
सवाल- अभी हाल में समाजवादी पार्टी ने पीडीए पंचांग भी जारी किया है?
जवाब- समाजवादी पार्टी ने जब जारी किया होगा समाजवादी पार्टी क्या कहती है क्या करती है उसका विचार उनको दोबारा करना पड़ेगा। पहले तो चाचा और भतीजे उनहीं की लड़ाई जरा ठीक हो जाए उसी से मालूम हो जाएगा क्या है। ये पीडीए क्या चीज है, ये सब जातिवाद का मामला है और कुछ नहीं है अखिलेश जी ने जो बात कही है वो इस समय समझ नहीं पा रहे हैं और वो धीरे-धीरे पीछे आ रहे हैं बैक हो रहे हैं उनको सर्व समाज को लेकर चलना चाहिए तभी ठीक रहेगा।
सवाल- समाजवादी पार्टी का कहना है कि पीडीए के दम पर बीजेपी को 62 से 32 पर ला दिया और अब 2027 में भी?
जवाब- 32 क्या है? अरे भाई 32 आ गई तो कौन पहाड़ टूट पड़ा है? फिर काम कर लेंगे। फिर बढ़ेंगे। ये सब होने वाला है। सब ठीक होगा। बढ़िया होगा।
सवाल- एसआईआर पर समाजवादी पार्टी का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी ने वोट चोरी के तरीके को बदल दिया है?
जवाब- सब बकवास है भारतीय जनता पार्टी है वह सत्ता में है। दिल्ली से लेकर के उत्तर प्रदेश तक यह काम इन लोगों को सबको जो लग रहा है कि अब हम हार गए हैं। हमारा कुछ नहीं है तो किसी प्रकार से अपशब्दों का प्रयोग करो। यही सब काम करो। तो वही कर रहे हैं। अखिलेश जी को चाहिए। वह अच्छा व्यक्ति है। मैं उसका सम्मान करता हूं। पूरी तरह से करता हूं। और उस परिवार पर पूरा हमारा विश्वास रहता है। अखिलेश का जो घर है, मुलायम सिंह जी का जो घर है तो आप यह समझिए, मेरा हमेशा उससे जुड़ाव रहा है। अभी भी कह रहा हूं, आपके उस पर कह रहा हूं। पूरा जुड़ाव रहा है। अब अखिलेश जी थोड़ा फास्ट होना चाहते हैं। कोई सहारा उनको दे दे तो वो लाइन पर आ जाएंगे। यही काम होगा। कभी मिलेंगे तो हमको समझाएंगे। क्या है? कैसा है? वो ठीक रहेगा।
सवाल- पंकज चौधरी का अध्यक्ष बनाया जाना क्या कुर्मी वोटर्स को साधने की कवायद है?
जवाब- नहीं नहीं ये ये सब बकवास की बात है। अभी तक कोई दूसरा अध्यक्ष था दूसरी जाति का था। उसको क्या हटा के काम किया है? अरे भाई यह भारतीय जनता पार्टी है सबको संतुलित करती है। सबको काम देती है। तो हो रहा है पंकज जी को काम दिया गया है। पंकज जी काम करेंगे।
सवाल- भारतीय जनता पार्टी के बारे में कांग्रेस कहती है कि वहां भी पहले से सब फिक्स रहता है?
जवाब- कांग्रेस को बोलने का क्या हक है। वो तो केवल राय बरेली तक सीमित है इसके अलावा कहीं नहीं है वो खत्म पार्टी है। पहले पहले वो राय बरेली से चुनाव जीते साउथ से एक जगह से जीते हैं। बाकी जगह कहीं स्थान नहीं है उनका। कुछ नहीं है।
सवाल- इस तरह की भी खबरें हैं कि आप अयोध्या से चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं। तो इसमें कितनी सच्चाई?
जवाब- अभी तो हमने कुछ सोचा भी नहीं है। हमारे अभी दिमाग में भी नहीं आया है कि हम लड़ने जा रहे हैं। अगर पार्टी कहेगी अगर कहेगी सियासत में कहा भी जाता है कि संकेत बहुत कुछ कह देते हैं। मतलब आपकी जन्मभूमि कानपुर है। कर्मभूमि अयोध्या आपकी जन्मभूमि कानपुर अयोध्या आपकी कर्मभूमि और आप जो अपनी कर्मभूमि में जाकर के एक बार फिर 2027 का चुनाव बड़े अंतराल के बाद बड़े लंबे समय के बाद जो है वहां पे लड़ना चाहते हैं और उसको सियासी नजरिए से भी देखा जा रहा है। अब भाई मेरा घर है वहां पर और हमारे पूज्य पिताजी ने बनवाया है। हमने नहीं बनवाया है। हमारा घर है तो घर पर तो रहेंगे ही और वहां से हम काम भी करते रहे हैं। तो स्वाभाविक है हम तो वही रहते हैं। अयोध्या में ही मालूम नहीं है। आपको मालूम नहीं है कि अयोध्या में ही हम रहते हैं और नहीं कहीं रहते हैं। कभी-कभी यहां आ जाते हैं लखनऊ कभी-कभी और अपने पैतृक गांव के अंदर तो जाते ही नहीं है।

