
विजय अडिग: CBI जांच और फिल्म विवाद के बीच TVK ने दिया BJP को करारा झटका!
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि CBI जांच और CBFC प्रमाणपत्र विवाद को BJP अपने फायदे के लिए रणनीतिक रूप से इस्तेमाल कर रही है।
तमिलनाडु के अभिनेता और राजनीतिज्ञ विजय की पार्टी तमिलागा वेट्ट्री कजहगम (TVK) ने साफ कहा है कि वह कभी भी बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। पार्टी के संयुक्त महासचिव CTR निर्मल कुमार ने द फेडरल से कहा कि बीजेपी हमारे विचारधारात्मक विरोधी हैं। हम कभी उनके साथ नहीं जुड़ेंगे। यह हमारी शुरू से ही नीति रही है और कभी नहीं बदलेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब विजय कई हाई-प्रोफाइल चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जिनमें करूर भगदड़ हादसे से जुड़ी CBI पूछताछ और उनकी फिल्म 'जाना नायागन' के सर्टिफिकेट को लेकर लंबी कानूनी लड़ाई शामिल है।
CBI ने दिल्ली में की 6 घंटे पूछताछ
निर्मल कुमार ने बताया कि विजय को दिल्ली में बुलाया गया। क्योंकि करूर स्टैम्पेड केस से जुड़े मुख्य सूबत CBI मुख्यालय में रखे गए थे। पार्टी ने आधिकारिक रूप से CBI से अनुरोध किया है कि भविष्य में किसी भी पूछताछ को चेन्नई में रखा जाए। निर्मल कुमार ने यह भी बताया कि पूछताछ कानूनी और पारदर्शी तरीके से हुई, जिसमें वह खुद उपस्थित थे। विजय से 12 जनवरी को छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। कहा जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने पार्टी की ओर से सितंबर 2025 में हुई त्रासदी, जिसमें 41 लोगों की जान गई, कोई जिम्मेदारी नहीं मानी। इस मामले में पूर्व तमिलनाडु DGP डेविड देवासिर्वत्थम को भी दूसरे दिन दिल्ली में CBI के सामने पेश होना पड़ा।
जाना नायागन रिलीज विवाद
विजय की फिल्म जाना नायागन, जिसे उनके राजनीति में पूर्ण रूप से कदम रखने से पहले की अंतिम फिल्म बताया जा रहा है, अब भी रिलीज नहीं हो पाई है। इसका कारण सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से प्रमाणपत्र विवाद है। 9 जनवरी को मद्रास हाई कोर्ट ने U/A सर्टिफिकेट देने के आदेश पर रोक लगा दी। अगली सुनवाई 21 जनवरी तय है। निर्माता सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के आदेश पर तुरंत रोक लगाने की याचिका भी ले गए हैं, जिसमें 15 जनवरी को सुनवाई संभावित है।
कांग्रेस और BJP की राजनीति
मंगलवार (13 जनवरी) को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि CBFC की कार्रवाई राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित है। उन्होंने इसे “तमिल संस्कृति पर हमला” करार दिया और कहा कि मोदी, आप तमिल लोगों की आवाज़ को दबाने में कभी सफल नहीं होंगे। बीजेपी का उद्देश्य TVK को NDA में शामिल करना है, ताकि आने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में DMK को हराया जा सके। हालांकि, TVK ने बार-बार कहा है कि बीजेपी उनके सिद्धांतों की दुश्मन है और किसी भी प्री या पोस्ट-पोल गठबंधन की संभावना नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि CBI जांच और CBFC प्रमाणपत्र विवाद को BJP अपने फायदे के लिए रणनीतिक रूप से इस्तेमाल कर रही है। इसके अलावा, वे DMK-कांग्रेस गठबंधन में बढ़ती खींचतान को भी अपने फायदे में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। TVK के कुछ नेताओं का कहना है कि कांग्रेस “प्राकृतिक साथी” हो सकती है, क्योंकि दोनों में धार्मिक और सांप्रदायिक दृष्टिकोण साझा हैं। ऐसी स्थिति में TVK कांग्रेस को 70 सीटें और सरकार गठन में महत्वपूर्ण भूमिका देने के लिए तैयार हो सकती है। इससे एंटी-DMK वोट बंट सकते हैं और वर्तमान गठबंधन कमजोर हो सकता है। बीजेपी को डर है कि कांग्रेस-TVK गठबंधन कांग्रेस के वोट बैंक को मजबूत कर सकता है और राज्य में उसकी अपनी विस्तार योजना को प्रभावित कर सकता है।
विजय और TVK के दूसरे नेताओं जैसे आधव अर्जुन और आनंद को भी दिल्ली बुलाया गया। TVK ने इसे राजनीतिक उद्देश्य वाला कदम करार दिया और भविष्य की पूछताछ चेन्नई में कराने की मांग की। जाना नायागन के प्रमाणपत्र विवाद ने विजय पर मानसिक दबाव बढ़ा दिया है, क्योंकि उन्होंने फिल्म रिलीज के बाद राजनीतिक अभियान तेज करने की योजना बनाई थी। हाल के रिपोर्ट्स के अनुसार, अमित शाह एंटी-DMK फ्रंट बनाने के लिए प्रयासरत हैं, जबकि TVK स्वतंत्र चुनाव लड़ने या विजय को मुख्यमंत्री चेहरा बनाए रहने पर अड़े हुए हैं।

