
महाकुंभ से चर्चा में आई लड़की, अब शादी और जांच को लेकर विवादों में
महाकुंभ से वायरल हुई लड़की जांच में नाबालिग निकली, शादी पर ‘लव जिहाद’ के आरोप लगे और पति पर POCSO सहित कई धाराओं में केस दर्ज हुआ।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने शुक्रवार को पुष्टि की कि मध्य प्रदेश की वह युवती, जो 2025 के महाकुंभ के दौरान वायरल वीडियो के कारण चर्चा में आई थी, जांच के बाद नाबालिग पाई गई है। आयोग द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर स्थानीय भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि केरल में पिछले महीने हुआ उसका अंतरधार्मिक विवाह “लव जिहाद” का मामला है और इस पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट मार्च में ही सौंप दी थी, लेकिन आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने शुक्रवार को पीटीआई से इसकी पुष्टि की। पुलिस के अनुसार, जांच के आधार पर महेश्वर में उसके पति—जो एक मुस्लिम युवक है—के खिलाफ कथित अपहरण और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है।
यह युवती महाकुंभ में माला और रुद्राक्ष बेचते समय बनाए गए वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हो गई थी। सोशल मीडिया पर लोकप्रियता मिलने के बाद उसे एक फिल्म में भूमिका भी मिली थी। 17 मार्च को उत्तर प्रदेश के निवासी प्रथम दुबे द्वारा आयोग में शिकायत की गई थी कि युवती नाबालिग है और उसका शोषण किया जा रहा है, जिसके बाद आयोग ने जांच शुरू की।
महेश्वर से भाजपा विधायक राजकुमार मेव और भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्रम पटेल ने शुक्रवार को दस्तावेजों के साथ मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि केरल में हुआ यह विवाह “लव जिहाद” का मामला है और युवती को वापस घर लाया जाना चाहिए। ‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल कुछ दक्षिणपंथी समूहों द्वारा इस आरोप के लिए किया जाता है कि मुस्लिम पुरुष हिंदू महिलाओं को विवाह के जरिए इस्लाम में परिवर्तित करने की साजिश रचते हैं।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई उसी के आधार पर की जाएगी। यह युवती घुमंतू पारधी समुदाय से संबंध रखती है और उसने मार्च में केरल के एक मंदिर में शादी की थी। इस अंतरधार्मिक विवाह पर दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताई थी। उसके परिवार के सदस्यों और फिल्म निर्देशक सanoj मिश्रा—जिन्होंने उसे फिल्म का ऑफर दिया था—ने भी इसे “लव जिहाद” बताया।
आयोग की जांच के अनुसार, महेश्वर सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड में युवती की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज है, जिसके आधार पर शादी के समय उसकी उम्र 16 वर्ष 2 महीने थी। युवती के पिता की शिकायत पर 25 मार्च को महेश्वर थाने में उसके पति के खिलाफ अपहरण, पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 24 मार्च को भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत भी एक अलग मामला दर्ज किया गया, जिसमें अभिभावक की अनुमति के बिना नाबालिग को अपने साथ ले जाने का आरोप शामिल है। मामले की जांच जारी है।
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