
पश्चिमी विक्षोभ और गरजता चालीसा के बीच दिल्ली- NCR में बारिश का खेल
जनवरी के अंत में दिल्ली-एनसीआर में तेज सर्द हवाओं और बारिश से ठंड बढ़ iगई है। शिमला में बर्फबारी और वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद। पश्चिमी विक्षोभ मुख्य कारण है।
Delhi- NCR Weather News: जनवरी के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। फरवरी की दस्तक से पहले शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में तेज सर्द हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। लंबे समय से प्रदूषण और गंभीर धुंध से जूझ रहे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को इस बारिश से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बारिश और तेज हवाओं के चलते वायु गुणवत्ता में सुधार भी दर्ज किया जा सकता है।
मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही 9 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया था। विभाग ने 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की चेतावनी दी थी, जो अब कई इलाकों में सच साबित हो रही है। साथ ही, पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और उत्तर भारत के 17 जिलों में शीतलहर की चेतावनी भी जारी है।
उत्तर भारत में ठंड का असर बढ़ेगा
शुक्रवार सुबह दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, इससे तापमान में गिरावट आएगी और सप्ताह की शुरुआत में असामान्य रूप से गर्म मौसम के बाद ठंड का असर बढ़ेगा।
मौसम बदलने की वजह: पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग ने बताया कि इस बदलाव की मुख्य वजह एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। इसके प्रभाव से शुक्रवार तड़के से ही आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में लगातार बारिश होती रही। IMD ने चेतावनी दी है कि 22 और 23 जनवरी 2026 के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश, बर्फबारी, ओलावृष्टि, बिजली गिरने और तेज हवाएं चल सकती हैं।
क्या है पश्चिमी विक्षोभ?
पश्चिमी विक्षोभ एक मौसमी तूफानी प्रणाली है, जो मुख्य रूप से भूमध्य सागर से उत्पन्न होती है। सर्दियों के दौरान यह प्रणाली नमी लेकर भारत, पाकिस्तान और नेपाल तक पहुंचती है और उत्तर भारत में बारिश तथा हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी कराती है। यह विक्षोभ भूमध्य सागर के अलावा अटलांटिक और कैस्पियन सागर से भी नमी ग्रहण करता है। रबी फसलों, विशेषकर गेहूं की खेती के लिए यह बारिश बेहद लाभकारी होती है।
शिमला और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी
शिमला में शुक्रवार को मौसम की पहली बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे तीन महीने से चल रहे सूखे का अंत हुआ। मनाली समेत अन्य ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों पर भी बर्फबारी की खबरें आई हैं। जम्मू के कई हिस्सों में भी बारिश हुई और पूरे क्षेत्र में ठंड का असर बढ़ गया है।
दिल्ली का AQI सुधरेगा
दिल्ली की वायु गुणवत्ता में गुरुवार को मामूली सुधार देखा गया। सुबह 8 बजे औसत AQI 313 दर्ज किया गया, जबकि बुधवार शाम को यह 330 था। शुक्रवार को तेज हवाओं और बारिश के कारण प्रदूषक कण नीचे बैठ सकते हैं, जिससे राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता में और सुधार होने की उम्मीद है।
गरजता चालीसा क्या है?
‘गरजता चालीसा’ (Roaring Forties) पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्ध में 40° से 50° दक्षिण अक्षांश के बीच चलने वाली शक्तिशाली पश्चिमी हवाओं को कहा जाता है। नाविकों ने इन्हें नाम इसलिए दिया क्योंकि ये हवाएं बेहद तेज और गर्जन जैसी होती हैं। यह प्रवाह पृथ्वी के घूर्णन और भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर हवा के बहाव के कारण बनता है।
औद्योगिक युग से पहले यूरोप से ऑस्ट्रेलिया जाने वाली नौकाएं इन हवाओं का लाभ उठाती थीं। महासागर में बिना किसी भू-आकृति के बाधा के ये हवाएं और भी शक्तिशाली हो जाती हैं, जिससे जहाज तेजी से पूर्व की ओर बढ़ सकते थे।
क्या गरजता चालीसा और पश्चिमी विक्षोभ जुड़े हैं?
नाम और दिशा में भ्रम के बावजूद, पश्चिमी विक्षोभ और गरजता चालीसा का आपस में कोई सीधा संबंध नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी गोलार्ध में भूमध्य सागर से उत्पन्न होकर भारत में सर्दियों की बारिश लाता है, जबकि गरजता चालीसा दक्षिणी गोलार्ध की अलग मौसमी घटना है।

