
युवराज की मौत: कार में छिपा सच, वॉइस रिकॉर्डर बताएगा मदद के लिए किनसे लगाई गुहार
Yuvraj death: कार कंपनी की टेक्निकल टीम ने भरोसा दिलाया है कि अगर कैमरों में पानी चला भी गया हो तो भी खास तकनीक के जरिए वीडियो और ऑडियो को निकाला जा सकता है।
Engineer Yuvraj death case: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुई रहस्यमयी मौत के बाद अब निगाहें उस कार पर टिकी हैं, जिसके इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में शायद वो आवाज कैद है, जिनमें मौत से पहले की पुकार, मदद की आखिरी कोशिश और संघर्ष के अंतिम पल कैद हो सकते हैं। पुलिस की फोरेंसिक टीम से लेकर युवराज के करीबी दोस्तों तक सभी को उम्मीद है कि कार में लगे कैमरे और वॉइस रिकॉर्डर सच से पर्दा उठा सकते हैं। अब युवराज के दोस्त कार में मौजूद डेटा को हासिल करने के लिए संबंधित कंपनी से लगातार संपर्क कर रहे हैं। फिलहाल युवराज की कार सूरजपुर स्थित पुलिस लाइन में कड़ी सुरक्षा के बीच खड़ी है। पुलिस की फोरेंसिक टीम के साथ-साथ अन्य तकनीकी विशेषज्ञ कार में लगे सभी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की गहन जांच कर रहे हैं।
पुलिस जांच के अलावा युवराज के करीबी दोस्त भी बेचैनी से यह जानना चाहते हैं कि मौत से पहले संघर्ष के दौरान युवराज ने किन-किन लोगों को कॉल किया था। डूबते समय उसके मुंह से आखिरी शब्द क्या निकले और वह किसे पुकार रहा था—इन सभी सवालों के जवाब कार में लगे वॉइस रिकॉर्डर और कैमरों से मिलने की उम्मीद की जा रही है।
इसी वजह से युवराज के दोस्तों ने ग्रैंड विटारा कार बनाने वाली मारुति की नेक्सा कंपनी की टेक्निकल टीम से भी संपर्क किया है। युवराज के दोस्त घटना के बाद से उसके पिता राजकुमार मेहता के साथ लगातार जुड़े हुए हैं। दोस्तों का कहना है कि उन्होंने कई बार युवराज के साथ इसी कार में सफर किया था, इसलिए उन्हें कार के फीचर्स की अच्छी जानकारी है। जानकारी के मुताबिक, युवराज की कार में कुल तीन कैमरे और एक वॉइस रिकॉर्डर लगा हुआ है। कंपनी का दावा है कि ये सभी उपकरण वाटरप्रूफ हैं। कार चार दिन तक पानी में डूबी रहने के बावजूद इन उपकरणों के सुरक्षित रहने और उनमें रिकॉर्ड डेटा को रिकवर किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
कार कंपनी की टेक्निकल टीम ने भरोसा दिलाया है कि अगर कैमरों में पानी चला भी गया हो तो भी खास तकनीक के जरिए वीडियो और ऑडियो को निकाला जा सकता है। वहीं, वॉइस रिकॉर्डर के पूरी तरह सुरक्षित रहने की उम्मीद इसलिए भी जताई जा रही है, क्योंकि यह डैशबोर्ड के अंदर सीलबंद यूनिट में फिट होता है। अब पुलिस, परिजन और दोस्त सभी की निगाहें उस डिजिटल सबूत पर टिकी हैं, जो शायद युवराज की मौत से जुड़े सबसे बड़े सवालों का जवाब दे सके।

