मोदी सरकार के एतराज के बाद  X ने ब्लॉक किए 3,500 पोस्ट, 600 अकाउंट भी हटाए
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मंत्रालय ने X से कहा है कि वह इस तरह की सामग्री के निर्माण को रोकने के लिए ग्रोक के तकनीकी और गवर्नेंस फ्रेमवर्क की व्यापक समीक्षा करे। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मोदी सरकार के एतराज के बाद X ने ब्लॉक किए 3,500 पोस्ट, 600 अकाउंट भी हटाए

यह कार्रवाई तब की गई जब केंद्र ने चेतावनी दी कि नियमों का पालन न करने पर इसे गंभीरता से लिया जाएगा और मंच के खिलाफ सख्त कानूनी परिणाम हो सकते हैं।


केंद्र सरकार द्वारा चिह्नित किए जाने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने 3,500 पोस्ट ब्लॉक कर दि हैं और 600 अकाउंट भी हटा दिए हैं। सरकारी सूत्रों ने बताया कि X ने सरकार को आश्वासन दिया है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर अश्लील सामग्री की अनुमति नहीं देगा और सभी सरकारी नियमों का पालन करेगा।

यह कदम उस घटनाक्रम के एक हफ्ते बाद आया है, जब इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने X पर मौजूद अश्लील सामग्री को लेकर आपत्ति जताई थी।

मंत्रालय ने एलन मस्क के नेतृत्व वाली X कॉर्प से 72 घंटे के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी और “Grok” तथा xAI की अन्य सेवाओं जैसे एआई-आधारित टूल्स के दुरुपयोग के जरिए अश्लील, नग्न, अभद्र और आपत्तिजनक सामग्री के होस्टिंग, निर्माण, प्रकाशन, प्रसारण, साझा करने या अपलोड को रोकने के लिए तत्काल अनुपालन की मांग की थी। केंद्र के निर्देश में चेतावनी दी गई थी कि अनुपालन में विफलता को “गंभीरता से देखा जाएगा” और भारतीय कानूनों के तहत प्लेटफॉर्म और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

AI सुरक्षा उपायों पर सवाल

अपने पत्र में मंत्रालय ने कहा कि उसने पाया है कि कुछ यूज़र ग्रोक का दुरुपयोग कर ऐसे अकाउंट बना रहे हैं, जो महिलाओं की अश्लील तस्वीरें या वीडियो होस्ट करते हैं, बनाते हैं, प्रकाशित करते हैं या साझा करते हैं, जिससे महिलाओं का अपमानजनक और अशोभनीय तरीके से चित्रण हो रहा है।

मंत्रालय ने X को निर्देश दिया कि वह इस तरह की सामग्री के निर्माण को रोकने के लिए ग्रोक के तकनीकी और गवर्नेंस फ्रेमवर्क की व्यापक समीक्षा करे। नोटिस में कहा गया कि X के एआई असिस्टेंट ग्रोक को यूज़र पॉलिसीज़ का सख्ती से पालन कराना होगा, जिसमें नियम तोड़ने वालों के अकाउंट सस्पेंड और टर्मिनेट करना भी शामिल है।

मंत्रालय ने चेतावनी दी कि X द्वारा अनुपालन न करने की स्थिति में आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत मिलने वाला ‘सेफ हार्बर’ संरक्षण खत्म हो सकता है और भारतीय न्याय संहिता, महिलाओं के अश्लील प्रतिनिधित्व (निषेध) अधिनियम और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) सहित कई कानूनों के तहत दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।

पत्र में यह भी कहा गया कि चिंता केवल फर्जी अकाउंट बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे मामलों को भी शामिल करती है, जहां महिलाओं को उनके चित्रों या वीडियो को होस्ट या प्रकाशित कर, प्रॉम्प्ट्स, इमेज मैनिपुलेशन और सिंथेटिक आउटपुट्स के जरिए निशाना बनाया जा रहा है।

पत्र में कहा गया, “इस तरह का आचरण प्लेटफॉर्म-स्तरीय सुरक्षा उपायों और प्रवर्तन तंत्र की गंभीर विफलता को दर्शाता है और लागू कानूनों का उल्लंघन करते हुए AI तकनीकों के घोर दुरुपयोग के समान है।”

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