नासिक के ‘गॉडमैन’ की काली दुनिया: SIT को मिले 100 अश्लील वीडियो और डेढ़ हजार करोड़ की दौलत
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नासिक जिले के सिन्नर में एक मंदिर ट्रस्ट का संचालन करने वाले अशोक खऱात, जिससे वर्षों में कई राजनीतिक नेता भी मिलने आते रहे, को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। एक 35 वर्षीय महिला ने उन पर तीन साल तक बार-बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। (फाइल फोटो)

नासिक के ‘गॉडमैन’ की काली दुनिया: SIT को मिले 100 अश्लील वीडियो और डेढ़ हजार करोड़ की दौलत

नासिक में स्वयंभू ‘गॉडमैन’ अशोक खरात के खिलाफ यौन शोषण मामले की जांच में वित्तीय अनियमितताओं और डिजिटल सबूतों के सामने आने के साथ बहु-एजेंसी जांच का दायरा और बढ़ गया है।


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स्वयंभू ‘गॉडमैन’ और दुष्कर्म के आरोपी अशोक खरात के खिलाफ मामलों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को लगभग ₹1,500 करोड़ की संपत्ति और 100 आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

जांच के दायरे के बढ़ने के साथ ही नासिक पुलिस और आयकर विभाग को भी इस जांच में शामिल किया गया है।

खरात, जो नासिक जिले के सिन्नर में एक मंदिर ट्रस्ट का संचालन करता था, को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। उस पर एक 35 वर्षीय महिला ने तीन साल तक लगातार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है।

इसके अलावा, उसके खिलाफ दो और मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें एक सात महीने की गर्भवती महिला के यौन शोषण के आरोप में और दूसरा एक अन्य महिला को दोबारा शादी कराने का झांसा देकर शोषण करने के आरोप में शामिल है।

अधिकारी ने बताया,“एसआईटी को 100 आपत्तिजनक वीडियो और करीब ₹1,500 करोड़ की संपत्ति का पता चला है। आयकर विभाग खरात और उनसे जुड़े लोगों की वित्तीय अनियमितताओं और संपत्तियों की जांच कर रहा है, जबकि साइबर पुलिस इन वीडियो की जांच कर रही है।”

अलग-अलग एजेंसियों की जांच जारी

मामले की गंभीरता और जटिलता को देखते हुए बहु-एजेंसी जांच की जा रही है। इसमें डिजिटल फॉरेंसिक और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच शामिल है।

IPS अधिकारी तेजस्विनी सतपुते के नेतृत्व में SIT खरात के खिलाफ दर्ज छह मामलों की जांच कर रही है। टीम ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास कोई जानकारी हो तो आगे आकर साझा करें।

अधिकारी ने बताया कि जानकारी देने वालों और पीड़ितों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

जांच पर कड़ी निगरानी

इस जांच टीम में क्राइम ब्रांच के 5 से 10 अधिकारी शामिल हैं, जिनमें महिला पुलिसकर्मी भी हैं, ताकि पीड़ितों के संवेदनशील बयान दर्ज किए जा सकें।

महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते और राज्य सरकार इस मामले की निगरानी कर रहे हैं, ताकि जांच पारदर्शी और तेज़ी से आगे बढ़ सके।

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