RBSE 10th Result: राजस्थान में बेटियों ने लगातार 10वीं बार लहराया परचम
x
पढ़ाई में क्यों बेटों से आगे निकल रही हैं बेटियां?

RBSE 10th Result: राजस्थान में बेटियों ने लगातार 10वीं बार लहराया परचम

राजस्थान बोर्ड के 10वीं के नतीजे घोषित होते ही एक बात लगभग तय-सी हो गई है ‘बेटियों ने फिर बाजी मारी’...


Click the Play button to hear this message in audio format

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा के नतीजों में बेटियों का शानदार प्रदर्शन पिछले एक दशक से लगातार जारी है। साल 2016 से 2026 तक के आंकड़े बताते हैं कि लड़कियां हर साल लड़कों से बेहतर परिणाम दे रही हैं। इस उपलब्धि के पीछे सामाजिक जागरूकता, सरकारी योजनाओं और छात्राओं की अनुशासित पढ़ाई को प्रमुख कारण माना जा रहा है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी इसे महिला सशक्तिकरण की बड़ी मिसाल बताया है।

राजस्थान बोर्ड के 10वीं के नतीजे घोषित होते ही एक बात लगभग तय-सी हो गई है ‘बेटियों ने फिर बाजी मारी’। यह कोई हाल के वर्षों का ट्रेंड नहीं है। बल्कि लगातार 10 साल से बना हुआ पैटर्न है। कठिन परिस्थितियों और ग्रामीण पृष्ठभूमि के बावजूद राजस्थान की छात्राएं सफलता प्रतिशत में लड़कों से आगे बनी हुई हैं। उपलब्ध आंकड़े हर साल इसी प्रवृत्ति की पुष्टि करते हैं कि लड़कियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है।



क्यों आगे निकल रही हैं बेटियां?

सामाजिक बदलाव और बढ़ती जागरूकता

पिछले कुछ वर्षों में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘गार्गी पुरस्कार’ जैसी योजनाओं का असर खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिला है। अभिभावकों की सोच में बदलाव आया है और अब वे बेटियों की पढ़ाई को प्राथमिकता दे रहे हैं।

अनुशासन और एकाग्रता

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, छात्राएं नियमित अध्ययन और उत्तर पुस्तिकाओं की प्रस्तुति में अधिक अनुशासित होती हैं। यही कारण है कि वे थ्योरी विषयों में बेहतर अंक हासिल करती हैं।

सरकारी योजनाओं का योगदान

साइकिल, स्कूटी और लैपटॉप वितरण जैसी योजनाओं ने छात्राओं के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया है। खासकर दूर-दराज के इलाकों से स्कूल जाने वाली छात्राओं के लिए ये सुविधाएं काफी मददगार साबित हुई हैं।

शिक्षा मंत्री का बयान

नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने खुशी जताई और कहा कि बेटियों का यह प्रदर्शन महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि यह गर्व की बात है कि राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली छात्राएं भी शीर्ष स्थान हासिल कर रही हैं।



Read More
Next Story