ईरान में विरोध प्रदर्शनों में अब तक 2000 लोगों के मारे जाने की पुष्टि
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देशभर में दो हफ्तों से जारी अशांति पर की गई सख्त कार्रवाई ने इस्लामिक रिपब्लिक को झकझोर कर रख दिया है

ईरान में विरोध प्रदर्शनों में अब तक 2000 लोगों के मारे जाने की पुष्टि

ईरानी अधिकारियों ने इन मौतों और लंबे समय से जारी प्रदर्शनों के लिए आतंकी गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया।


ईरान में देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों में अब तक लगभग 2,000 लोगों की जान जा चुकी है। एक ईरानी अधिकारी ने मंगलवार (13 जनवरी, 2026) को यह जानकारी दी। यह अब तक आधिकारिक रूप से पुष्टि किया गया सबसे अधिक मौतों का आंकड़ा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाम न बताने की शर्त पर अधिकारी ने कहा कि मृतकों में सुरक्षा बलों के जवान और आम नागरिक दोनों शामिल हैं। उन्होंने इन मौतों और लंबे समय से जारी प्रदर्शनों के लिए आतंकी गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया।

हालांकि, अधिकारी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि मरने वालों में कितने नागरिक थे और कितने सुरक्षा कर्मी। देशभर में दो हफ्तों से जारी अशांति पर की गई सख्त कार्रवाई ने इस्लामिक रिपब्लिक को झकझोर कर रख दिया है और देश की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस बीच, मंगलवार (13 जनवरी) को संचार सेवाएं बहाल होने के बाद ईरानियों ने पहली बार मोबाइल फोन के जरिए विदेशों में कॉल की। तेहरान में कई लोग समाचार एजेंसियों को फोन करने और पत्रकारों से बात करने में सफल रहे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एसएमएस टेक्स्ट मैसेजिंग अब भी बंद थी और ईरान में इंटरनेट उपयोगकर्ता केवल सरकार द्वारा अनुमोदित स्थानीय वेबसाइटों तक ही पहुंच पा रहे थे, विदेशों की वेबसाइटों तक नहीं।

प्रत्यक्षदर्शियों ने दुनिया से करीब साढ़े चार दिन तक कटे रहने के दौरान ईरान की राजधानी की सड़कों पर हालात की एक झलक भी साझा की। उन्होंने बताया कि मध्य तेहरान में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती देखी गई।

उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ व्यापारिक संबंध जारी रखने वाले किसी भी देश पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा से वैश्विक व्यापार मार्गों में अनिश्चितता और बढ़ने की आशंका है। इसका असर भारत के कृषि-निर्यात क्षेत्र पर भी पड़ सकता है, खासतौर पर चावल के निर्यात पर अप्रत्यक्ष लेकिन ठोस दबाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

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