
इजरायली दावा: ईरान के नौसेना प्रमुख तंगसिरी की मौत, क्या अब खुलेगा हॉर्मुज?
कमांडर तंगसिरी की मौत के बाद हॉर्मुज जलमार्ग पर सस्पेंस गहराया। सर्वोच्च नेता और शीर्ष कमांडरों को खोने के बाद भी पीछे हटने को तैयार नहीं है ईरान
Israel/USA Vs Iran : मध्य पूर्व के युद्ध में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के नौसेना कमांडर अलीरेज़ा तंगसिरी की मौत के दावे ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। इजरायली मीडिया के अनुसार, बंदर अब्बास में हुए अमेरिकी-इजरायली हमले में तंगसिरी मारे गए हैं। तंगसिरी वह शख्स थे जिन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की अभेद्य नाकेबंदी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या उनकी मौत के बाद इस रणनीतिक जलमार्ग से प्रतिबंध हटेंगे? हालांकि, युद्ध के पिछले रिकॉर्ड को देखें तो ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता और कई दिग्गज कमांडरों को खोने के बावजूद युद्ध के मैदान में अपने कदम पीछे नहीं खींचे हैं। तंगसिरी की मौत ईरान के लिए एक बड़ा सैन्य झटका जरूर है, लेकिन यह नाकेबंदी खत्म होने की गारंटी नहीं है।
कमांडर तंगसिरी की मौत के बाद खाड़ी देशों और पश्चिमी ताकतों की नजरें हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर टिकी हैं। यह जलमार्ग दुनिया के कुल व्यापारिक तेल और गैस का 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। तंगसिरी के नेतृत्व में ईरान ने यहाँ से होने वाले शिपिंग ट्रांजिट में 95 प्रतिशत की गिरावट ला दी थी।
क्या बदलेगी ईरान की रणनीति?
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तंगसिरी की मौत से ईरान किसी दबाव में आने के बजाय और अधिक आक्रामक हो सकता है। अब तक के युद्ध पर गौर करें तो 28 फरवरी से चल रहे इस संघर्ष में ईरान ने भारी कीमत चुकाई है। सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और अनुभवी रणनीतिकार अली लारीजानी जैसे दिग्गजों की हत्या के बाद भी ईरान की शासन व्यवस्था और सैन्य तंत्र ने टूटने के संकेत नहीं दिए हैं। ईरान ने अपनी पावर संरचना को इस तरह बुना है कि वह व्यक्तियों की तुलना में संस्थागत विचारधारा पर अधिक काम करता है।
नाकेबंदी जारी रहने के आसार
ईरान ने हॉर्मुज में एक प्रकार का 'टोल बूथ' तंत्र विकसित कर लिया है। यहाँ से गुजरने वाले जहाज अब चीनी युआन में भुगतान करने को मजबूर हैं। तंगसिरी की जगह लेने वाले नए कमांडर संभवतः उन्हीं की नीतियों को आगे बढ़ाएंगे। ईरान का लक्ष्य इस जलमार्ग का उपयोग पश्चिमी अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचाने के लिए एक हथियार के रूप में करना है। जब तक ईरान की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक जहाजों पर से बंदिशें हटने की संभावना कम ही नजर आती है।
कट्टरपंथ की ओर बढ़ता नेतृत्व
लारीजानी और तंगसिरी जैसे अनुभवी चेहरों के हटने के बाद अब ईरान में और भी अधिक कट्टरपंथी नेताओं के सत्ता के करीब आने का रास्ता साफ हो गया है। ये नए चेहरे युद्ध में पीछे हटने के बजाय "शहादत और संघर्ष" की नीति पर जोर दे रहे हैं। ऐसे में इजरायल और अमेरिका के लिए चुनौती और बढ़ सकती है।
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर संकट
लॉयड्स लिस्ट के अनुसार, हॉर्मुज से होने वाला व्यापारिक आवागमन ठप होने से वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। यदि तंगसिरी की मौत के बाद भी ईरान पीछे नहीं हटता, तो अंतरराष्ट्रीय दबाव और सैन्य टकराव की स्थिति और गंभीर हो सकती है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने शीर्ष कमांडरों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देगा और युद्ध को निर्णायक मोड़ तक ले जाएगा।
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