अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच ऐतिहासिक समझौता, काला सागर में सीजफायर
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अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच ऐतिहासिक समझौता, काला सागर में सीजफायर

Russia and Ukraine: इस समझौते के बाद, अब सवाल यह उठता है कि क्या दोनों देशों के बीच शांति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा.


America signed important agreements with Russia and Ukraine: अमेरिका ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक घोषणा की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के साथ कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते के तहत काला सागर में सीजफायर लागू किया जाएगा और यूक्रेन के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे हमले भी रुक जाएंगे. इस समझौते का मार्गदर्शन अमेरिका और रूस के बीच कई दौर की बातचीत और एक वर्चुअल मीटिंग के बाद तय हुआ है.

ट्रंप और पुतिन की बैठक

व्हाइट हाउस के बयान के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच वीडियो कॉल पर बातचीत हुई, जिसके बाद यह अहम निर्णय लिया गया. ट्रंप ने इस समझौते को स्थायी शांति की दिशा में एक कदम बताया और यह सुनिश्चित किया कि रूस-यूक्रेन संघर्ष में दोनों पक्षों की हत्याएं रोकी जाएं. क्योंकि यही शांति के मार्ग पर सबसे अहम कदम है.

अमेरिका-रूस के बीच वार्ता

यह समझौता सऊदी अरब के रियाद में 23 से 25 मार्च तक हुए अमेरिका और रूस के बीच द्विपक्षीय वार्ता का परिणाम है. इस वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी. जैसे काला सागर में सुरक्षित नेविगेशन व्यवस्था, बल के प्रयोग को समाप्त करना और व्यावसायिक जहाजों के सैन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल पर रोक लगाना.

यूक्रेन का बयान और समझौते पर सवाल

यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने इस समझौते के संदर्भ में कहा कि यूक्रेन अब रूस की ऊर्जा सुविधाओं पर हमला नहीं करेगा. लेकिन पुतिन हमारे देश पर हमले जारी रखेंगे. जेलेंस्की का कहना है कि यह समझौता फिलहाल परिस्थितियों के अनुसार है और इसे पूरी तरह लागू करने में समय लग सकता है.

रूस को वैश्विक बाजार में मदद

व्हाइट हाउस ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका रूस को वैश्विक कृषि और उर्वरक बाजारों में फिर से शामिल करने के लिए मदद करेगा. यह कदम रूस की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के प्रयासों का हिस्सा है और यह वैश्विक व्यापार में रूस की वापसी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है.

शांति की राह

इस समझौते के बाद, अब सवाल यह उठता है कि क्या दोनों देशों के बीच शांति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा. अमेरिका और रूस के बीच यह द्विपक्षीय वार्ता सकारात्मक दिशा में बढ़ी है. लेकिन यह देखना होगा कि क्या समझौतों को लागू करने में दोनों पक्ष पूरी तरह से सहयोग करेंगे.

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