
बांग्लादेश में फिर हिंदू बना निशाना, दुकान बंद कर लौटते वक्त हमला
बांग्लादेश में हिंदू व्यवसायी खोकन दास पर हमला, पेट्रोल डालकर जलाया गया। अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा से भारत ने जताई गहरी चिंता।
बांग्लादेश में एक हिंदू व्यवसायी पर बदमाशों ने बेरहमी से हमला किया, धारदार हथियारों से वार किया और फिर उसे आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने गुरुवार (1 जनवरी) को यह जानकारी दी। बीते दो हफ्तों में अल्पसंख्यक समुदाय पर यह चौथा ऐसा हमला है। पीड़ित की पहचान 50 वर्षीय खोकन चंद्र दास के रूप में हुई है। बांग्ला दैनिक प्रथम आलो की पुलिस के हवाले से दी गई रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार रात शरियतपुर जिले के दमुद्या क्षेत्र में केउरभांगा बाजार के पास दुकान बंद कर घर लौटते समय उन पर हमला किया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए ढाका भेज दिया गया।
हमले के बाद आरोपी फरार
रिपोर्ट के मुताबिक, दास दवा की दुकान और मोबाइल बैंकिंग का व्यवसाय चलाते हैं। वह एक ऑटो-रिक्शा से यात्रा कर रहे थे, तभी हमलावरों ने वाहन को रोक लिया। आरोप है कि उन्होंने दास की बेरहमी से पिटाई की, धारदार हथियारों से हमला किया और फिर उनके सिर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। अपनी जान बचाने के लिए दास पास के एक तालाब में कूद गए, जिससे स्थानीय लोगों ने शोर मचाया। पुलिस के अनुसार, हमलावर मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने दास को बचाकर पहले शरियतपुर सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर चोटों के कारण उन्हें ढाका रेफर कर दिया गया।
शरियतपुर सदर अस्पताल के आपातकालीन विभाग के डॉक्टर नज़रुल इस्लाम ने बताया कि दास के शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें हैं, जिनमें पेट पर गहरा घाव शामिल है। इसके अलावा उनके चेहरे, सिर और हाथों पर जलने की गंभीर चोटें हैं। उनकी पत्नी सीमा दास ने कहा कि परिवार यह समझ नहीं पा रहा है कि उन्हें क्यों निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि उनके पति ने दो हमलावरों को पहचान लिया था, इसी कारण उन्हें मारने की कोशिश की गई।
अल्पसंख्यकों पर हमले तेज
दमुद्या पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद रबीउल हक ने बताया कि मामले में रब्बी और सोहाग नाम के दो लोगों को नामजद किया गया है। हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।
इससे पहले, 18 दिसंबर को मयमनसिंह शहर में कथित ईशनिंदा के आरोप में 25 वर्षीय हिंदू युवक दीपु चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और उसके शव को आग के हवाले कर दिया। एक हफ्ते बाद, 24 दिसंबर को राजबाड़ी जिले के पांग्शा उपजिला में कथित जबरन वसूली के आरोप में अमृत मंडल नामक एक अन्य हिंदू व्यक्ति की भी भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई।
भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी लगातार हिंसा पर चिंता जताई है। 2022 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश में हिंदू आबादी लगभग 1.31 करोड़ है, जो देश की कुल जनसंख्या का करीब 7.95 प्रतिशत है। बीते कुछ हफ्तों में देश में अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाकर हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं।

