ट्रम्प के काउंटरटेररिज्म चीफ ने क्यों छोड़ा पद? जानें जो केंट का पूरा मामला
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ट्रम्प के काउंटरटेररिज्म चीफ ने क्यों छोड़ा पद? जानें जो केंट का पूरा मामला

आतंकवाद विरोधी मुखिया और डोनाल्ड ट्रम्प के विशवस्त अधिकारी जो केंट ने ईरान युद्ध का विरोध करते हुए इस्तीफा दिया। उन्होंन कहा कि यह इज़राइल दबाव में शुरू हुआ।


अमेरिका के शीर्ष आतंकवाद-रोधी अधिकारियों में से एक जो केंट ने ईरान के खिलाफ अपने देश के युद्ध के विरोध में इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना इस्तीफा पत्र साझा किया, जिसे उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को संबोधित किया था। अपने पत्र में केंट ने साफ लिखा, मैं अच्छे विवेक के साथ ईरान में चल रहे युद्ध का समर्थन नहीं कर सकता। ईरान हमारे देश के लिए कोई तत्काल खतरा नहीं था और यह स्पष्ट है कि हमने यह युद्ध इज़राइल और उसके शक्तिशाली अमेरिकी लॉबी के दबाव में शुरू किया।यह इस्तीफा ट्रम्प प्रशासन के भीतर से इस युद्ध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सार्वजनिक आलोचना माना जा रहा है।

कौन हैं जो केंट?

45 वर्षीय जो केंट पूर्व सैनिक और राजनीतिक उम्मीदवार रहे हैं। उन्होंने अमेरिकी सेना की स्पेशल फोर्स में रहते हुए 11 बार युद्ध अभियानों में हिस्सा लिया, जिनमें इराक युद्ध भी शामिल है।उनकी पहली पत्नी शैनन केंट, जो अमेरिकी नौसेना में क्रिप्टोलॉजिक टेक्नीशियन थीं, 2019 में सीरिया में एक आत्मघाती हमले में मारी गई थीं। उनके दो बच्चे हैं।

सेना छोड़ने के बाद केंट ने CIA में पैरामिलिट्री अधिकारी के रूप में काम किया और बाद में राजनीति में कदम रखा।उन्होंने दो बार रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस चुनाव लड़ा, लेकिन 2022 और 2024 में डेमोक्रेट उम्मीदवार से हार गए।

ट्रम्प प्रशासन में भूमिका

जो केंट ने आठ महीने से भी कम समय तक National Counterterrorism Center के निदेशक के रूप में काम किया। जुलाई में सीनेट ने 52-44 मतों से उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी, जिसमें केवल रिपब्लिकन सांसदों का समर्थन मिला था।

करीबी सहयोगी और अंदरूनी मतभेद

ट्रम्प प्रशासन में केंट की बॉस तुलसी गबार्ड थीं। उन्होंने उनकी नियुक्ति के समय उन्हें देशभक्त बताया था।केंट, गबार्ड और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को प्रशासन के उस समूह का हिस्सा माना जाता था, जो विदेशों में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप को लेकर ज्यादा सतर्क दृष्टिकोण रखता है।हालांकि, केंट के इस्तीफे के बाद गबार्ड ने खुद को इससे अलग करते हुए ट्रम्प के फैसलों का समर्थन किया।

इस्तीफे की वजह

केंट ने अपने इस्तीफे में कहा कि एक सैनिक के रूप में उन्हें मध्य पूर्व में एक और बड़े युद्ध का खतरा दिख रहा है।उन्होंने याद दिलाया कि ट्रम्प ने अपने चुनाव अभियानों में “अनंत युद्धों” से अमेरिका को दूर रखने का वादा किया था। लेकिन अब वे उसी दिशा में बढ़ रहे हैं।केंट के अनुसार, ट्रम्प को ईरान के खतरे को लेकर गुमराह किया गया और मीडिया व इज़राइली प्रभावशाली वर्ग ने उन्हें युद्ध के लिए प्रेरित किया।उन्होंने लिखा, “यह वही रणनीति है जिसका इस्तेमाल इराक युद्ध के दौरान किया गया था। हमें यह गलती दोबारा नहीं करनी चाहिए। अपनी पत्नी की युद्ध में मृत्यु का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे ऐसी लड़ाई में अगली पीढ़ी को नहीं भेज सकते, जिसका अमेरिका को कोई वास्तविक लाभ नहीं है।

क्या बदलेगी ट्रम्प की नीति?

विशेषज्ञों का मानना है कि केंट का इस्तीफा ट्रम्प प्रशासन की नीतियों पर सवाल जरूर उठाता है, लेकिन इससे तुरंत कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना कम है।हालांकि, यह कदम पहले से मौजूद आलोचनाओं को और मजबूत करता है और यह दिखाता है कि युद्ध का निर्णय बिना ठोस योजना के लिया गया था।

राजनीतिक असर

मध्यावधि चुनाव से पहले यह इस्तीफा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंट ट्रम्प के समर्थक “MAGA” आधार में लोकप्रिय हैं, इसलिए उनकी आलोचना का असर मतदाताओं पर पड़ सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि यह ट्रम्प समर्थकों के बीच बढ़ती असंतुष्टि का संकेत हो सकता है।

प्रतिक्रियाएं

ट्रम्प ने केंट की आलोचना करते हुए कहा कि वे “सुरक्षा मामलों में कमजोर” थे और उनका जाना अच्छा है।व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी उनके दावों को अपमानजनक और हास्यास्पद बताया। रिपब्लिकन नेताओं में भी मतभेद दिखा। कुछ ने उनके कदम को सिद्धांतों पर आधारित बताया, जबकि अन्य ने इसे गलत और राष्ट्रपति के प्रति निष्ठा की कमी कहा।दूसरी ओर, मीडिया हस्ती टक़र कार्लसन ने केंट के फैसले की तारीफ की और उन्हें साहसी बताया।

विवाद और आरोप

केंट के इस्तीफे में इज़राइल की भूमिका का जिक्र करने पर कुछ आलोचकों ने उन पर यहूदी-विरोधी (एंटी-सेमिटिक) बयान देने का आरोप लगाया।कांग्रेस के कुछ नेताओं ने कहा कि इज़राइल को दोष देना एक खतरनाक और गलत नैरेटिव है।

इस्तीफे का मुख्य संदेश

अपने पत्र में केंट ने लिखा कि उन्होंने गहन विचार के बाद यह निर्णय लिया है। उन्होंने ट्रम्प से अपील की कि वे ईरान में चल रही कार्रवाई पर दोबारा विचार करें और देश को अराजकता और पतन की ओर जाने से रोकें।उन्होंने अंत में कहा कि देश की सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात रही, लेकिन अब वे इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते।

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