दलाई लामा का एपस्टीन फाइल्स से क्या है कनेक्शन? जानें वायरल दावों का सच
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दलाई लामा का 'एपस्टीन फाइल्स' से क्या है कनेक्शन? जानें वायरल दावों का सच

एपस्टीन फाइल्स में दलाई लामा का नाम आने पर मची खलबली। कार्यालय ने दावों को किया खारिज। जानें क्यों 169 बार आया है उनका नाम और क्या है ईमेल का सच।


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Epstein Files Controversy : सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इन दिनों 'एपस्टीन फाइल्स' (Epstein Files) को लेकर बड़ा दावा किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा का नाम इन फाइल्स में 169 बार आया है। अमेरिका के न्याय विभाग (DOJ) द्वारा जारी लाखों पन्नों के इन दस्तावेजों में कई बड़े नामों के शामिल होने से हड़कंप मचा है। इसी बीच दलाई लामा के नाम के उल्लेख ने उनके अनुयायियों और समर्थकों को चिंता में डाल दिया है। हालांकि, दलाई लामा के कार्यालय ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि परम पावन (His Holiness) कभी भी जेफरी एपस्टीन से नहीं मिले हैं और न ही उनके बीच कभी कोई बातचीत हुई है। जांच में यह भी सामने आया है कि फाइल्स में उनका नाम केवल चर्चाओं और ईमेल चैट्स में संदर्भ के तौर पर इस्तेमाल किया गया है, जिसका उनके किसी भी तरह के जुड़ाव से कोई लेना-देना नहीं है।


169 बार नाम आने का पूरा सच: क्या है इन ईमेल का राज?
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी की गई फाइल्स में 'Dalai Lama' शब्द का कई बार उल्लेख है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे किसी गलत गतिविधि में शामिल थे। विस्तृत जांच से पता चलता है कि:

थर्ड-पार्टी बातचीत: अधिकांश उल्लेख ऐसे ईमेल में हैं जहां तीसरे पक्ष (जैसे MIT के जोई इतो या एपस्टीन के संपर्क) दलाई लामा के साथ मीटिंग आयोजित करने की 'योजना' या 'इच्छा' व्यक्त कर रहे हैं।

भोजन का निमंत्रण: एक ईमेल में एपस्टीन को किसी ने सुझाव दिया था कि वे दलाई लामा को डिनर पर बुला सकते हैं, लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है कि दलाई लामा ने ऐसा कोई निमंत्रण स्वीकार किया या वे वहां पहुँचे।

इंडेक्स और कीवर्ड: कई हिट्स केवल फाइल्स के इंडेक्स या अन्य किताबों (जैसे 'Massage for Dummies') के स्कैन किए गए पन्नों में कीवर्ड के रूप में आए हैं।


दलाई लामा के कार्यालय का आधिकारिक बयान
इस विवाद के बढ़ते ही दलाई लामा के कार्यालय ने एक आधिकारिक और स्पष्ट बयान जारी किया है:

"हम स्पष्ट रूप से पुष्टि करते हैं कि परम पावन (His Holiness) ने कभी जेफरी एपस्टीन से मुलाकात नहीं की है। साथ ही, उन्होंने अपनी ओर से किसी को भी एपस्टीन के साथ किसी भी तरह की बैठक या बातचीत के लिए अधिकृत नहीं किया है।"

यह बयान उन दावों को सीधे तौर पर खारिज करता है जिनमें कहा जा रहा था कि वे एपस्टीन के मैनहट्टन स्थित आवास पर किसी कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

पत्रकार माइकल वोल्फ का दावा और उसकी सच्चाई
विवाद का एक बड़ा कारण पत्रकार माइकल वोल्फ का एक पुराना पॉडकास्ट है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने दलाई लामा को एपस्टीन के घर पर देखा था। हालांकि, इस दावे की पुष्टि के लिए कोई तस्वीर या अन्य स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं है। जानकारों का कहना है कि दलाई लामा जैसे सार्वजनिक व्यक्तित्व हजारों लोगों से मिलते हैं, और किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में मौजूद होने का मतलब किसी व्यक्ति के साथ अनैतिक संबंधों का होना नहीं है।

चीन की प्रतिक्रिया और राजनीतिक एंगल
चीन ने इस मामले को लेकर दलाई लामा पर निशाना साधा है। चीनी मीडिया (जैसे CGTN) ने इन फाइल्स का हवाला देते हुए उनकी आलोचना की है। हाल ही में दलाई लामा को 'ग्रैमी अवार्ड' मिलने पर भी चीन ने कड़ी आपत्ति जताई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि 'एपस्टीन फाइल्स' में उनके नाम के उल्लेख को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि उनकी वैश्विक छवि को धूमिल किया जा सके।


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