
‘कब्जा करो, मदद आ रही है…’ ट्रंप के बयान से मचा भूचाल, ईरान पर हमले के संकेत पर भड़का रूस
Trump Iran post: डोनाल्ड ट्रंप के इस पोस्ट के बाद यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि वेनेजुएला के बाद अब अमेरिका ईरान के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है।
US-Iran tensions: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक मैसेज ने ईरान से लेकर रूस तक सियासी भूचाल ला दिया है। ट्रंप ने लिखा कि “मदद आ रही है”। लेकिन इस वाक्य ने न केवल ईरान के प्रदर्शनकारियों को उत्साहित किया, बल्कि वैश्विक युद्ध की आशंकाओं को भी हवा दे दी। सवाल अब यह नहीं है कि ट्रंप ने क्या लिखा, बल्कि यह है कि इसके पीछे उनका अगला कदम क्या होगा?
डोनाल्ड ट्रंप के इस पोस्ट के बाद यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि वेनेजुएला के बाद अब अमेरिका ईरान के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है। हालांकि ट्रंप ने साफ तौर पर यह नहीं बताया कि उनकी “मदद” से क्या मतलब है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर लिखा कि ईरान के देशभक्तों, विरोध करते रहो। अपनी संस्थाओं पर कब्जा करो। जो लोग हत्या और अत्याचार कर रहे हैं, उनके नाम याद रखो। उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। इस पोस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल और तेज हो गई।
रूस और ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
ट्रंप के इस बयान पर रूस ने कड़ा ऐतराज जताया है। रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि जो लोग ईरान में बाहर से भड़काई गई अशांति का फायदा उठाकर हमला करने की सोच रहे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि इससे पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक सुरक्षा पर बहुत गंभीर असर पड़ सकता है। वहीं, ईरान ने भी अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। ईरान ने कहा है कि अगर उस पर कोई भी हमला किया गया तो वह उसका जोरदार जवाब देगा। ईरान के रक्षा मंत्री ने साफ कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने और अमेरिका का साथ देने वाले देश ईरान के निशाने पर होंगे।
ट्रंप ने ईरानी अधिकारियों से मीटिंग की रद्द
ट्रंप ने यह भी कहा है कि जब तक ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्या बंद नहीं होती, तब तक वह ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकें रद्द कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि “मदद आ रही है” और पोस्ट के अंत में MIGA लिखा। MIGA का मतलब “मेक ईरान ग्रेट अगेन” माना जा रहा है, लेकिन इसका असली मतलब अर्थ अभी साफ नहीं है।
अमेरिका के पास कई विकल्प
इससे पहले ट्रंप कह चुके हैं कि अमेरिका ईरान को लेकर “बहुत मजबूत विकल्पों” पर विचार कर रहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया था कि हवाई हमला भी अमेरिका के विकल्पों में शामिल है। ट्रंप पहले भी ईरान को चेतावनी दे चुके हैं कि अगर उसने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई बंद नहीं की, तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।
ईरान से व्यापार करने वाले देशों को चेतावनी
ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों को भी निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा है कि जो देश ईरान से व्यापार करेंगे, उन पर अमेरिका 25 फीसदी टैरिफ लगाएगा। अब तक ईरान अमेरिकी बयानों को नजरअंदाज करता रहा है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए इस बार स्थिति पहले से ज्यादा गंभीर मानी जा रही है।

