
डोनाल्ड ट्रंप का नया ड्रामा: वेनेजुएला के ‘एक्टिंग राष्ट्रपति’ के रूप में खुद को किया घोषित
ट्रंप का यह कदम अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और संप्रभुता के सिद्धांतों के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा करता है। कई विशेषज्ञों ने इस दावे को राजनीतिक और विवादित बताया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया को हक्का-बक्का कर दिया है। इस बार उन्होंने सोशल मीडिया पर खुद को 'वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति' घोषित कर दिया, ऐसा दावा जो अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और राजनीति की धुरी को हिला सकता है। जब दुनिया अभी भी निकोलास मादुरो की गिरफ्तारी गूंज से जूझ रही है, ट्रंप ने एक ऐसा पोस्ट डालकर राजनीतिक ड्रामा और विवाद का नया अध्याय शुरू कर दिया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Socia* पर खुद की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए “Incumbent January 2026” (जनवरी 2026 से कार्यवाहक राष्ट्रपति) लिखा हुआ दिखाया गया। इसमें उन्हें अमेरिका का 45वां और 47वां राष्ट्रपति भी बताया गया है, जिन्होंने 20 जनवरी 2025 को पद संभाला। हालांकि, यह दावा सोशल मीडिया पोस्ट में किया गया है, लेकिन इसे किसी भी आधिकारिक दस्तावेज या सरकारी घोषणा में स्वीकार नहीं किया गया है और यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नहीं है।
यूएस की कार्रवाई
इस विवादित पोस्ट से कुछ ही दिनों पहले अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ एक “बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई” की थी, जिसमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलास मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को हिरासत में लिया गया और न्यूयॉर्क भेजा गया, जहां उन पर नार्को‑आतंकवाद साजिश के आरोपों से अभियोजन चलाया जा रहा है। ट्रंप ने कहा था कि किसी अन्य व्यक्ति को सत्ता सौंपने का जोखिम वेनेजुएला के हितों के खिलाफ हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
हालांकि, ट्रंप ने वेनेजुएला के संचालन की बात कही है, देश के फैसले अदालत (Supreme Tribunal of Justice) के आदेश के तहत वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति और तेल मंत्री डेलसी रोड्रिगेज को औपचारिक रूप से अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई है, जो संविधान के अनुसार नेतृत्व का हिस्सा है।
तेल, शासन और आगे की भूमिका
ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि वेनेजुएला के 30 से 50 मिलियन बैरल उच्च‑गुणवत्ता वाले तेल को अमेरिका को सौंप दिया जाएगा, जिसे बाजार में बेचकर राजस्व अर्जित किया जाएगा और बताया गया है कि यह राशि दोनों देशों के लोगों के लाभ में इस्तेमाल होगी। उन्होंने ऊर्जा सचिव को इस योजना को तुरंत लागू करने का निर्देश भी दिया।
ट्रंप का यह कदम अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और संप्रभुता के सिद्धांतों के बीच एक बड़ा विवाद खड़ा करता है। कई विशेषज्ञों ने इस दावे को राजनीतिक और विवादित बताया है, और इसकी वैधता और प्रभाव पर सवाल उठाए हैं। वेनेजुएला की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी के अभाव में और चुनावी तथा कानूनी प्रक्रियाओं से हटकर इस तरह का दावा वैश्विक राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है।

