
मैं न होता तो शरीफ जिंदा न होते, डोनाल्ड ट्रंप का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उनके हस्तक्षेप से भारत-पाक परमाणु युद्ध टला और 35 मिलियन जानें बचीं।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित परमाणु युद्ध को रुकवाया। अपने ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन में अमेरिकी संसद के सामने बोलते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देश न्यूक्लियर वॉर के करीब थे, लेकिन उनके हस्तक्षेप से जंग टली। ट्रंप के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने उनसे कहा था कि यदि अमेरिका ने दखल नहीं दिया होता तो करीब 35 मिलियन (साढ़े तीन करोड़) लोग मारे जा सकते थे।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हस्तक्षेप कर शरीफ की जान बचाई। उनका कहना था कि अगर वे शामिल नहीं होते तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मारे जा सकते थे। संसद में उन्होंने कहा कि अपने पहले 10 महीनों में मैंने आठ युद्ध खत्म किए पाकिस्तान और भारत के बीच न्यूक्लियर वॉर हो सकता था।
हालांकि, भारत ने ट्रंप के इन दावों को लगातार खारिज किया है। वहीं पाकिस्तान ने सार्वजनिक रूप से उन्हें श्रेय दिया है। पाकिस्तान सरकार ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित भी किया है। हाल के आयोजनों में शहबाज शरीफ ने ट्रंप की सराहना करते हुए कहा था कि उनकी वजह से लाखों लोगों की जान बची।
ट्रंप का यह भी कहना है कि उन्होंने थाईलैंड-कंबोडिया और ईरान-इजरायल के बीच तनाव कम कराने में भूमिका निभाई। इसके अलावा, 19 फरवरी 2026 को दिए एक बयान में उन्होंने कहा था कि पिछली गर्मियों में उन्होंने भारत और पाकिस्तान को 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी, यदि दोनों देशों ने लड़ाई नहीं रोकी।
गौरतलब है कि ट्रंप इससे पहले भी सौ से अधिक बार भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाने का दावा कर चुके हैं। हालांकि, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तानी नेतृत्व की सुरक्षा को लेकर जो दावे पहले सामने आए थे, उनमें सेना प्रमुख और राष्ट्रपति के बंकर में जाने की खबरें थीं, लेकिन शहबाज शरीफ को लेकर ट्रंप का यह ताजा दावा नया और बेहद सनसनीखेज माना जा रहा है।

