
ट्रंप का दावा: ईरान ने 'उपहार' में भेजे पाकिस्तानी झंडा लगे तेल के 10 जहाज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि ईरान ने सद्भावना के तौर पर 10 तेल के जहाज भेजे हैं। इनमें पाकिस्तान के झंडे वाले जहाज भी शामिल हैं।
Israel/USA Vs Iran : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा दिए गए रहस्यमयी "उपहार" का खुलासा कर दिया है। गुरुवार को व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने बताया कि यह उपहार तेल के 10 जहाज थे। ट्रंप के अनुसार ईरान ने इन जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने दिया। इसे बातचीत में ईरान की ओर से एक सद्भावना संकेत माना जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इनमें कुछ जहाजों पर पाकिस्तान का झंडा लगा हुआ था। ट्रंप ने पहले इस उपहार को "बहुत बड़ा सरप्राइज" बताया था। अब इस खुलासे के बाद अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग में एक नया मोड़ आता दिख रहा है।
सद्भावना के तौर पर पहले 8 फिर 10 जहाज:
ट्रंप ने कैबिनेट मीटिंग में विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि ईरान ने पहले आठ बड़े जहाजों को छोड़ने का वादा किया था। वे यह दिखाना चाहते थे कि वे बातचीत के लिए गंभीर हैं। ट्रंप ने बताया कि ये जहाज संभवतः पाकिस्तानी झंडे वाले थे। हालांकि अंत में ईरान ने 10 जहाज सफलतापूर्वक पार कराए। अतिरिक्त दो जहाज ईरान ने अपनी किसी बात के लिए माफी के तौर पर भेजे। ट्रंप ने इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर पेश किया है। मंगलवार को ओवल ऑफिस में उन्होंने इसे एक कीमती इनाम कहा था।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 'टैक्स' की वसूली:
ईरान वर्तमान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जलमार्ग को नियंत्रित कर रहा है। वह अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों को वहां से रोक रहा है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने एक बड़ा दावा किया है। उनके अनुसार ईरान इस जलमार्ग से सुरक्षित गुजरने के लिए वसूली कर रहा है। ट्रंप ने भी इस बात को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि ईरान थोड़ा बहुत ऐसा कर रहा है। हालांकि ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान को ऐसा नहीं करना चाहिए। यह जलमार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।
तेल की कीमतों और बाजार पर असर:
ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध से बाजार में डर का माहौल था। ट्रंप को उम्मीद थी कि तेल की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ेंगी। उन्हें शेयर बाजार में भी बड़ी गिरावट की आशंका थी। हालांकि ट्रंप ने कहा कि हालात उतने गंभीर नहीं हुए जितना उन्होंने सोचा था। बाजार ने फिलहाल इस तनाव को झेल लिया है। ईरान ने भी मंगलवार को एक सकारात्मक बयान जारी किया था। उन्होंने कहा था कि वे "गैर-आक्रामक जहाजों" को जलमार्ग से गुजरने की अनुमति देंगे। हालांकि अमेरिका और इजरायल के जहाजों के लिए यह रास्ता अभी भी बंद है।
ट्रंप की पांच दिनों की समयसीमा और 'नर्क' की चेतावनी:
दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल के जहाजों को सामान्य नहीं माना जाएगा। इस बीच ट्रंप ने ईरान को पांच दिनों की सख्त समयसीमा दी है। यह समयसीमा शनिवार को समाप्त हो रही है। ट्रंप ने मांग की है कि ईरान अपना परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम बंद करे। साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से व्यापार के लिए खोला जाए। अगर ईरान इन मांगों को नहीं मानता तो ट्रंप ने "नर्क मचाने" की धमकी दी है। दुनिया की नजरें अब शनिवार की डेडलाइन पर टिकी हैं।
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