
समझौता कर लो या भुगतो अंजाम, ईरान को ट्रंप ने एक बार फिर धमकाया
ईरान के B1 ब्रिज पर हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में तनाव रोकने की पूरी जिम्मेदारी ईरान की है।
मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान के अलबोर्ज प्रांत के करज इलाके में स्थित निर्माणाधीन B1 ब्रिज पर हुए हवाई हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अभी भी समझौते का समय है, वरना हालात और बिगड़ सकते हैं।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में ब्रिज को भारी नुकसान पहुंचा है। घटना में दो लोगों की मौत हुई, जबकि आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। यह पुल राजधानी तेहरान को पश्चिमी शहर करज से जोड़ने वाला एक अहम हाईवे प्रोजेक्ट था, जो लगभग पूरा हो चुका था।
करीब 1050 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण पर लगभग 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 37 हजार करोड़ रुपये) खर्च किए गए थे और इसे मिडिल ईस्ट के सबसे बड़े पुलों में गिना जा रहा था।
हमले के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसका वीडियो शेयर करते हुए इसे ईरान के सबसे बड़े पुल पर कार्रवाई बताया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अगर ईरान ने अपना रुख नहीं बदला तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उनके इस बयान को ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
ईरान के सरकारी मीडिया ने भी पुष्टि की है कि B1 ब्रिज को निशाना बनाया गया, जिससे इलाके में बिजली संकट पैदा हो गया है। पिछले डेढ़ साल से मिडिल ईस्ट लगातार संघर्ष का केंद्र बना हुआ है। अक्टूबर 2023 में गाजा में इजरायल और हमास के बीच शुरू हुआ युद्ध अब पूरे क्षेत्र में फैल चुका है। इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले किए, वहीं यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाया।
इस पूरे घटनाक्रम में ईरान की भूमिका अहम मानी जाती है। माना जाता है कि वह हमास, हिज्बुल्लाह और हूती जैसे संगठनों को समर्थन देता रहा है, जिसके कारण वह लगातार निशाने पर है। हाल के महीनों में ईरान और इजरायल के बीच सीधे मिसाइल और ड्रोन हमलों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।

