Strait Of Hormuz : पश्चिम एशिया में जारी युद्ध अब अपने चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और स्थितियां एक बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गई हैं। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जासेम मोहम्मद अल-बुदैवी ने गुरुवार को रियाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि ईरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों से 'ट्रांजिट फीस' यानी सुरक्षित मार्ग के बदले अवैध वसूली कर रहा है। यह पहली बार है जब किसी शीर्ष अधिकारी ने ईरान द्वारा भुगतान की मांग करने की बात स्वीकार की है। ज्ञात हो कि दुनिया के 20 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और तेल की आपूर्ति इसी जलमार्ग से होती है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस नाकेबंदी के वैश्विक परिणामों पर चेतावनी जारी की है।
GCC की तरफ ये भी स्पष्ट किया गया कि वो ईरान के खिलाफ किसी भी प्रकार के ऑपरेशन में शामिल नहीं होंगे।
28 फरवरी को शुरू हुआ यह युद्ध अब अपने 26वें दिन में है। अमेरिकी और इजरायली हमलों में सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और अन्य शीर्ष अधिकारियों की मौत के बावजूद तेहरान ने हार मानने से इनकार कर दिया है। अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह अपनी हार स्वीकार करे अन्यथा उसे पहले से कहीं अधिक गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हालांकि, तेहरान ने किसी भी बातचीत को खारिज करते हुए अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया है।
युद्ध का विस्तार और मिसाइल हमले
वर्तमान में अमेरिकी-इजरायली हमले सीधे तौर पर ईरान को निशाना बना रहे हैं, जिसके जवाब में ईरानी मिसाइलें मध्य और उत्तरी इजरायल पर प्रहार कर रही हैं। इसी बीच इजरायली सेना ने लेबनान पर भी हमले तेज कर दिए हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घोषणा की है कि इजरायल दक्षिणी लेबनान में अपने 'बफर जोन' का विस्तार कर रहा है। क्षेत्रीय सुरक्षा को देखते हुए बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सक्रिय रूप से ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर रहे हैं।
इराक में तनाव और राजनयिक संकट
इराक के अनबार प्रांत में बुधवार को एक सैन्य क्लिनिक पर हुए हमले के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। इराकी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में 7 सैनिकों की मौत हुई है और घायलों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। इराक के रक्षा मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की बात कही है। कार्यवाहक प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने विदेश मंत्रालय को अमेरिकी दूतावास के प्रभारी (Chargé d’Affaires) को तलब करने का निर्देश दिया है। हालांकि, अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनके बलों ने क्षेत्र में किसी चिकित्सा सुविधा को निशाना नहीं बनाया है।
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर प्रभाव
हॉर्मुज जलडमरूमध्य की लंबी नाकेबंदी और ईरान द्वारा जहाजों से वसूली के आरोपों ने वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों को अस्थिर कर दिया है। चूंकि यह मार्ग ऊर्जा आपूर्ति के लिए दुनिया की प्राथमिक निकास नली है, इसलिए यहां होने वाली किसी भी हलचल का सीधा असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि यह गतिरोध बना रहा, तो दुनिया को एक बड़े ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, ईरान अपने रुख पर अडिग है और युद्ध रुकने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं।