
बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या, नरसिंदी जिले में एक हिंदू युवक को जिंदा जलाया गया
बांग्लादेश के नरसिंदी जिले में हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई तो संदिग्ध गतिविधि नजर आ रही है।
बांग्लादेश के नरसिंदी जिले में शुक्रवार रात 25 वर्षीय हिंदू युवक चंचल भौमिक को जिंदा जला दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, वह एक गैराज में सो रहा था, तभी वहां आग लग गई।
नरसिंदी के पुलिस अधीक्षक अब्दुल्ला अल फारूक ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है। उन्होंने कहा, “हमने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई है और उसमें एक व्यक्ति की संदिग्ध आवाजाही नजर आ रही है। हम जांच कर रहे हैं कि आग किसी बाहरी कारण से लगी या फिर यह बिजली के शॉर्ट सर्किट का मामला था।”
दुकान के अंदर से लगी आग
पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि आग उसी दुकान के अंदर से लगी, जहां चंचल भौमिक सो रहा था। आग बुझाने के लिए दमकल कर्मियों ने शटर तोड़कर बचाव की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। भौमिक का शव पूरी तरह जला हुआ पाया गया।
उन्होंने कहा, “हम हर पहलू से जांच कर रहे हैं और फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।” अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि आग बिजली की खराबी से लगी या इसके पीछे कोई “बाहरी कारण” था। रविवार तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को निशाना बनाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। 18 दिसंबर को स्थानीय युवा नेता उस्मान हादी की मौत की खबर के बाद, दीपु चंद्र दास नामक एक व्यक्ति को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला, पेड़ से बांधा और ईशनिंदा की अफवाहों के आधार पर जिंदा जला दिया, जो बाद में झूठी साबित हुईं।
नरसिंदी शहर में ही एक अन्य घटना में, 40 वर्षीय हिंदू किराना दुकानदार की अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी, स्थानीय मीडिया ने बताया। वहीं, नाओगांव में एक और मामला सामने आया, जहां मिथुन सरकार नामक हिंदू व्यक्ति की भीड़ से बचने के लिए पानी में कूदने के बाद मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, उस पर चोरी का आरोप लगाया गया था। नाओगांव के पुलिस अधीक्षक मोहम्मद तारिकुल इस्लाम ने ANI को दिए बयान में इसकी पुष्टि की। भारत सरकार भी कई बार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न को लेकर चिंता जता चुकी है।
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर चिंता
12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रीय चुनावों से पहले बांग्लादेश में सुरक्षा स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। अवामी लीग पर प्रतिबंध और बढ़ते सांप्रदायिक तनाव के बीच धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा एक गंभीर अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बन गई है।
आधिकारिक रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले साल कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण स्थिति के बीच अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ बड़ी संख्या में घटनाएं सामने आईं। इस महीने की शुरुआत में मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस द्वारा साझा किए गए पुलिस आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में देशभर में ऐसी 645 घटनाएं दर्ज की गईं। उन्होंने एक्स (X) पर जारी बयान में कहा, “इनमें से 71 घटनाओं को सांप्रदायिक तत्वों से जुड़ा पाया गया, जबकि 574 घटनाओं को गैर-सांप्रदायिक प्रकृति का माना गया।”

