
बांग्लादेश में एक और हिंदू के घर पर हमला, सिलहट में हिंदू स्कूल टीचर का घर आग के हवाले किया
जब शिक्षक के घर में आग लगाई गई, उस समय वो अपने परिवार के सदस्यों के साथ घर के अंदर मौजूद थे। स्थानीय लोगों की मदद से वे सुरक्षित बाहर निकल पाए।
बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनावों से पहले अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा जारी है। इसी कड़ी में सिलहट ज़िले में एक हिंदू स्कूल शिक्षक के घर को भीड़ ने आग के हवाले कर दिया। बहोर गांव के निवासी बीरेंद्र कुमार दे और उनके परिवार के सदस्य इस घटना में बाल-बाल बच गए। अधिकारियों के मुताबिक बुधवार दोपहर हुई इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ।
18 दिसंबर को गारमेंट फैक्ट्री के कर्मचारी दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या के बाद से अब तक हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय के आठ लोगों की मौत अत्याचार की घटनाओं में हो चुकी है। इसके अलावा घरों और ज़मीनों समेत संपत्तियों पर हमले किए गए, उन्हें कब्ज़ाया गया या आग लगा दी गई। अधिकार समूहों ने हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की कम से कम 51 घटनाओं की रिपोर्ट दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बहोर गांव के ग्रामीणों ने बताया कि जब घर में आग लगाई गई, उस समय दे परिवार के सदस्य, जिनमें बुज़ुर्ग भी शामिल थे, घर के अंदर मौजूद थे। स्थानीय लोगों की मदद से वे सुरक्षित बाहर निकल पाए। ग्रामीणों ने बताया कि बीरेंद्र एक लोकप्रिय शिक्षक थे और लोग उन्हें प्यार से ‘झुनु सर’ कहते थे।
इस बीच, ब्रिटेन की संसद में गुरुवार को सांसद बॉब ब्लैकमैन ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं, के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई। उन्होंने हालात को “विनाशकारी” बताते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों की हत्याएं की जा रही हैं, उनके घरों और मंदिरों को आग के हवाले किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश में चुनाव गंभीर लोकतांत्रिक चिंताओं के बीच कराए जा रहे हैं।

