Condolence On Khamenei's Death : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग के छठे दिन भारत ने आधिकारिक तौर पर ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास का दौरा किया। वहां उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की और दूतावास में रखी गई कंडोलेंस बुक (शोक पुस्तिका) पर हस्ताक्षर किए। गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में खामेनेई की मृत्यु हो गई थी, जिसकी पुष्टि ईरान ने एक दिन बाद की थी। भारत का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि नई दिल्ली ने अब तक इस युद्ध में तटस्थ रहने की कोशिश की है। वैश्विक स्तर पर भी कई देशों ने इस घटना पर अपने शोक संदेश भेजे हैं। वर्तमान में जारी सैन्य तनाव के बीच भारत का यह संवेदना संदेश अंतरराष्ट्रीय गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
भारत की संतुलित कूटनीति का संकेत
विदेश सचिव विक्रम मिसरी का ईरान दूतावास जाना भारत की संतुलित विदेश नीति को दर्शाता है। भारत के ईरान के साथ ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं। नई दिल्ली में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर करना यह बताता है कि भारत क्षेत्र में शांति का पक्षधर है। भारत सरकार ने इस संकट के समय ईरानी जनता के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। हालांकि, भारत ने अब तक किसी भी पक्ष का सैन्य समर्थन नहीं किया है।
जंग के छठे दिन का हाल
आज इस विनाशकारी युद्ध का छठा दिन है और हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। ईरान और इजराइल एक-दूसरे पर मिसाइलों और ड्रोन्स से लगातार हमले कर रहे हैं। खामेनेई की मौत के बाद ईरान के भीतर नेतृत्व को लेकर भी मंथन जारी है। अमेरिका ने इस हमले को आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी जीत बताया है। वहीं, ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला करार देते हुए 'कड़ा बदला' लेने की सौगंध खाई है।
श्रीलंका के करीब पहुंचा ईरानी युद्धपोत कूटनीतिक हलचल के बीच सैन्य मोर्चे पर भी तनाव बढ़ गया है। कल एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को नष्ट कर दिया था। इसके बाद आज एक दूसरा ईरानी जंगी जहाज श्रीलंका की समुद्री सीमा के पास पहुंच गया है। इस जहाज पर 100 से ज्यादा सैनिक सवार बताए जा रहे हैं। श्रीलंका के मंत्री नलिंदा जयतिस्सा ने पुष्टि की है कि जहाज ने पोर्ट कॉल के लिए अनुमति मांगी है।
गॉल में सुरक्षा और बचाव कार्य
श्रीलंका के गॉल शहर में इस समय भारी अफरातफरी का माहौल है। वहां के अस्पताल में हमले में घायल हुए 32 ईरानी नाविकों का इलाज चल रहा है। पुलिस और एलीट कमांडो ने पूरे अस्पताल परिसर को छावनी में बदल दिया है। नौसेना अभी भी समुद्र में लापता 60 लोगों की तलाश कर रही है। मारे गए 87 नाविकों के शवों को ईरान भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहराता साया
इस युद्ध का असर अब वैश्विक व्यापार पर भी पड़ने लगा है। तेल की कीमतों में उछाल की आशंका के बीच शेयर बाजारों में गिरावट देखी जा रही है। भारत के लिए ईरान चाय का बड़ा खरीदार है, जिससे भारतीय निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि उनका लक्ष्य ईरान में सत्ता परिवर्तन है। इस खुले संघर्ष ने पूरी दुनिया को दो ध्रुवों में बांट दिया है।